https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद शुरू करने में गिरदावरी की अनिवार्यता किसानों का पसीना निकाल रही है।
कपास की सरकारी खरीद में गिरदावरी का पेच
-सीसीआई अधिकारी बिना गिरदावरी टोकन जारी करने में जता रहे असमर्थता
हनुमानगढ़. समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद शुरू करने में गिरदावरी की अनिवार्यता किसानों का पसीना निकाल रही है। जंक्शन व टाउन मंडी में कपास उत्पादक किसान टोकन लेने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन सीसीआई व मंडी समिति के अधिकारी बिना गिरदावरी के टोकन जारी करने में खुद को असमर्थ बता रहे हैं।
मंडी समिति सचिव सीएल वर्मा ने बताया कि हमने पटवार संघ के अध्यक्ष से भी बात की है। उनसे आग्रह किया है कि जिन किसानों की गिरदावरी हो गई है, उनको गिरदावरी पर्ची जारी कर दें। जिससे किसानों को टोकन जारी करने का काम शुरू हो सके। उन्होंने बताया कि टाउन व जंक्शन मंडी दोनों जगह पर मंडी समिति व सीसीआई का स्टॉफ लगा दिया गया है।
मंडी समिति सचिव वर्मा ने बताया कि एक दिन में सीसीआई एक किसान से केवल ४० क्विंटल कपास की खरीद करेगी। कृषि उपज मंडी समिति द्वारा फैक्ट्री की क्षमता अनुसार ही टोकन जारी किए जाएंगे। नरमा की 8 प्रतिशत तक नमी होने पर हनुमानगढ़ का भाव 5725 रुपए प्रति क्विंटल एवं हनुमानगढ़ को छोड़कर संपूर्ण जिले में 5665 रुपए प्रति क्ंिवटल होगा। बिल प्रतिदिन प्रमाणित किए जाएंगे। ताकि भुगतान समय पर किया जा सके।
नहीं लगी बोली
व्यापारियों की हड़ताल के चलते टाउन व जंक्शन मंडी में दूसरे दिन शुक्रवार को भी कृषि जिंसों की बोली नहीं लगी। जो किसान पहले से फसल लेकर मंडी पहुंचे हैं, वह अपनी फसल को सुखाने में जुटे हुए हैं। पांच अक्टूबर को हड़ताल खत्म होने के बाद फिर से बोली शुरू होने के आसार हैं।
किसानों की नहीं फिक्र
मंडी में बोली नहीं लग रही है। कपास की सरकारी खरीद को लेकर भी गिरदावरी का पेच अड़ा हुआ है। इस स्थिति में किसानों की फिक्र किसी को नहीं है। किसान संगठन एक पखवाड़े से सभी तरह की व्यवस्था पूरी कर सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन लगता नहीं कि समय पर कपास की सरकारी खरीद शुरू हो सकेगी।
किसानों का प्रदर्शन
गिरदावरी के बिना टोकन नहीं मिलने पर शुक्रवार को हनुमानगढ़ टाउन में किसानों ने मंडी समिति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि जब तक गिरदावरी नहीं मिलेगी तब तक हमें टोकन नहीं मिलेगा। जबकि प्रशासन ने गिरदावरी को लेकर स्थिति साफ नहीं की है। किसानों ने पांच अक्टूबर तक का समय प्रशासन को दिया है। इस अवधि में गिरदावरी उपलब्ध करवाने या फिर गिरदावरी की अनिवार्यता हटाने की मांग किसानों ने की है। ऐसा नहीं करने पर छह अक्टूबर को किसानों ने महापंचायत बुलाने की चेतावनी दी है। किसान नेता सुरेंद्र शर्मा, माकपा नेता रघुवीर वर्मा, ओम स्वामी, बलदेव मक्कासर, हरजी वर्मा आदि मौजूद रहे।