Rajasthan Govt On MSP: राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1 लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त खरीद को मंजूरी मिलने से किसानों को बेहतर दाम का लाभ मिलेगा।
Good News For Farmers: किसान संगठनों की ओर से लगातार की जा रही मांग पर राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक लाख मैट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं खरीद लक्ष्य स्वीकृत किया है। सरकार के इस फैसले से किसानों को अपनी उपज बेचने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही खरीद प्रक्रिया में तेजी आने से मंडियों में आवक का दबाव भी संतुलित होगा और किसानों को समय पर भुगतान मिलने में मदद मिलेगी।
जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले के 56 खरीद केन्द्रों पर पांच खरीद एजेंसियों के माध्यम से गेहूं खरीद का कार्य लगातार जारी है। जिले के लिए पूर्व में कुल 4 लाख 91 हजार 712 मैट्रिक टन खरीद लक्ष्य निर्धारित किया था। अब तक जिले में 27 हजार 543 किसानों से 2 लाख 83 हजार 861.17 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है जो कुल लक्ष्य का लगभग 58% है।
गंगानगर मंडी में 31 हजार 278.65 मैट्रिक टन, श्रीविजयनगर मंडी में 32 हजार 619.35 मैट्रिक टन, अनूपगढ़ मंडी में 21 हजार 383.55 मैट्रिक टन तथा सूरतगढ़ मंडी में 21 हजार 901.35 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसके अलावा अन्य मंडियों में भी खरीद प्रक्रिया लगातार जारी है और किसानों से उपज तेजी से खरीदी जा रही है। खरीदे गए गेहूं में से अब तक 2 लाख 23 हजार 628 मैट्रिक टन गेहूं का उठाव कर एफसीआई के निर्धारित गोदामों में सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है।
खरीद केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए छाया, पेयजल, मॉइश्चर मीटर, तिरपाल एवं क्लीनर जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही भीड़ प्रबंधन और तौल प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और खरीद कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
राजस्थान सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त राजस्थान कृषक समर्थन योजना के तहत किसानों को 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है। इस प्रकार किसानों को कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।