हनुमानगढ़

आधे-अधूरे पंजाब पैटर्न को लेकर बिफरे व्यापारी, बोले पूरी तरीके से लागू करो तो बने बात

हनुमानगढ़. जिले में समुचित रूप से गेहूं की सरकारी खरीद करवाने को लेकर इस बार राजस्थान सरकार पंजाब पैटर्न लागू करने का मन बना रही है।

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हनुमागनढ़ में बैठक लेते खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार और मौजूद अधिकारी व व्यापारी।

हनुमानगढ़. जिले में समुचित रूप से गेहूं की सरकारी खरीद करवाने को लेकर इस बार राजस्थान सरकार पंजाब पैटर्न लागू करने का मन बना रही है। बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करके आढ़तियों के मार्फत सरकारी खरीद करवाने को लेकर भी चर्चा की जा रही है। राजस्थान सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार ने इसे लेकर शनिवार को जंक्शन कृषि उपज मंडी परिसर में व्यापारियों व अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय बैठक की। उन्होंने जंक्शन अनाज मंडी का निरीक्षण भी किया। बैठक में प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार ने जब व्यापारियों को बार-बार पंजाब पैटर्न की तर्ज पर खरीद करवाने की बात कही तो कुछ व्यापारी बिफर पड़े। अंबरीश कुमार का कहना था कि पंजाब में स्टेट एजेंसी खरीद करती है। जबकि राजस्थान में एफसीआई व अन्य एजेंसी करती है। राजस्थान सरकार भी अब पंजाब पैटर्न पर चलना चाहती है। इतना सुनते ही कुछ व्यापारी खड़े हो गए।

व्यापारियों का कहना था कि राजस्थान सरकार यदि पंजाब पैटर्न को लागू करे तो स्वागत है। लेकिन आधे-अधूरे तरीके से लागू करने पर व्यापारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इससे मंडियों में अव्यवस्था बन जाएगी। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार ने रबी सीजन 2026-27 में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, एएसपी अरविन्द बिश्नोई, कृषि विपणन विभाग के उप निदेशक विष्णुदत्त शर्मा, कृषि उपज मण्डी समिति सचिव सीएल वर्मा, डीएसओ सुनील कुमार घोड़ेला, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक प्रमोद यादव, व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल, पदम चंद जैन, नरोत्तम सिंगला, माकपा नेता रामेश्वर वर्मा आदि मौजूद रहे। प्रमुख शासन सचिव ने कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय में जिले की सभी खरीद एजेंसी एफसीआई, नैफेड, एनसीसीएफ, राजफैड, तिलम संघ, एग्रीकल्चर, मार्केटिंग बोर्ड व प्रशासनिक के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में प्रमुख शासन सचिव ने गेहूं की एमएसपी पर आसानी से खरीद, किसानों को सरकार की मंशा के अनुरूप समय से भुगतान, मजदूर-ट्रांसपोर्टर, आढ़तिया को समय पर भुगतान के संबंध में चर्चा की।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में इस साल 23 लाख टन गेहूं की खरीद होनी है। इसमें से 8 से 9 लाख टन गेहूं की खरीद हनुमानगढ़ जिले से होगी। गोदाम के संबंध में एफसीआई से विस्तृत कार्ययोजना मांगी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं लक्ष्य से दस गुना अधिक क्षमता वाले गोदाम हायर किए जाएं ताकि ज्यादा खरीद होने पर उठाव में दिक्कत न हो। रजिस्ट्रेशन के समय पोर्टल न चलने की समस्या के समाधान के लिए एनआईसी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। प्रमुख शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने कहा कि किसान जब कृषि जिंस से भरी ट्रॉली लेकर मंडी में पहुंचेगा तो उसे एक रसीद दी जाएगी। जबकि पूर्व में किसान को वह मैन्युअल रसीद आढ़तिया की ओर से दी जाती थी।
अब यह व्यवस्था की गई है कि रजिस्ट्रेशन वाले पोर्टल के जरिए किसान को रसीद दी जाएगी। इससे पोर्टल पर यह बात दर्ज हो जाएगी कि किसान अपना गेहूं किस दिन और कितने बजे मंडी में लेकर पहुंचा था। तब से यह समय शुरू हो जाएगा कि किसान को कितने समय में भुगतान हुआ। इसके पीछे प्रयास है कि हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर केन्द्र सरकार की मंशा और राज्य सरकार के निर्देशानुसार किसान को गेहूं खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान हो। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि भुगतान में आठ से दस दिन का समय उचित नहीं है। सीएम की मंशा है कि किसान को खरीद के तत्काल बाद भुगतान हो। इस बार सरकार खरीद के साथ समय पर भुगतान को लेकर विशेष तौर पर प्रयास कर रही है। ताकि किसानों को उपज का मोल मिलने में परेशानी नहीं आए। बैठक में ज्यादातर व्यापारी व मजदूर नेता एफसीआई के मार्फत ही मंडियों में खरीद करवाने की पैरवी कर रहे थे।

मेरे दादा जी करते थे आढ़त का काम
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार ने व्यापारियों के साथ बैठक में कहा कि मैं पटियाला का रहने वाला हूं। श्रीगंगानगर कलक्टर रह चुका हूं। मेरे दादा जी का आढ़त का काम था। मैंने नजदीक से आढ़तियों के कामकाज को देखा है। इसलिए मैं सरकार और आढ़त दोनों तरफ की बातें समझता हूं। एक खरीद एजेंसी की ओर से किसी तरह की आपत्ति करने पर प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि कागजों में लड़ाई लड़ लेंगे। लेकिन किसानों को किसी तरह से परेशानी नहीं होने देंगे।

…और छा गया अंधेरा
प्रमुख शासन सचिव अंबरीश कुमार अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान अचानक व्यापारी और मजदूरों का प्रतिनिधि मंडल के सदस्य बैठक कक्ष में आ गए। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि आपने मिलने का समय साढ़़े नौ बजे दिया था, लेकिन अब डेढ़ बज रहे हैं। वह अपनी बात कहने लगे कि अचानक बैठक कक्ष में अंधेरा छा गया। अंबरीश कुमार कहने लगे कि आप लोगों के आते ही लाइट चली गई। इस पर रामेश्वर वर्मा बोले कि लाइट आपके कारणों से गई है। नोकझोंक के बीच दोबारा कुछ समय बाद लाइट आ गई। इससे बैठक कक्ष में फिर से उजाला हो गया।

Published on:
10 Jan 2026 10:15 pm
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