हनुमानगढ़. जिले में किन्नू बाग लगाने वाले किसानों को इस बार रिकॉर्ड भाव मिले हैं। बताया जा रहा है कि जिन किसानों ने थोड़ा इंतजार करके बागों से फल तुड़वाए, उनको 35 रुपए प्रति किलो तक भाव मिले हैं। यह भाव अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है। किन्नू बागों से अच्छी कमाई […]
हनुमानगढ़. जिले में किन्नू बाग लगाने वाले किसानों को इस बार रिकॉर्ड भाव मिले हैं। बताया जा रहा है कि जिन किसानों ने थोड़ा इंतजार करके बागों से फल तुड़वाए, उनको 35 रुपए प्रति किलो तक भाव मिले हैं। यह भाव अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है। किन्नू बागों से अच्छी कमाई होने की वजह से किसान उत्साहित हो रहे हैं।
ऐसे किसानों को देखकर अन्य किसान भी बागवानी के रास्ते पर चलने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उद्यान विभाग में आकर किसान बाग लगाने के तरीके और अनुदान की जानकारी बटोर रहे हैं।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार जो किसान अपने खेतों में नए किन्नू बाग लगाना चाहते हैं, उन्हें पचास हजार प्रति हैक्टेयर के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है। दो बरसों में उक्त अनुदान राशि किसानों के खातों में जमा करवाई जाती है। वर्तमान में बात करें तो हनुमानगढ़ जिले में करीब 4000 हैक्टेयर यानी 16000 बीघे में किन्नू बाग लगे हुए हैं। तय लक्ष्य के मुताबिक 95 हैक्टैयर मतलब 380 बीघे में नए बाग लगाने की तैयारी है। इसके तहत किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। किन्नू उत्पादन के लिहाज से जिले की आबोहवा काफी अनुकूल है। ऐसे में किसान आमदनी बढ़ाने की दिशा में बाग लगाने को आतुर हो रहे हैं।
बाग लगाने का उचित समय
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार किन्नू बाग लगाने का सही समय अगस्त व सितम्बर का महीना माना जाता है। कुछ किसान खेत तैयार करके फरवरी-मार्च में भी बाग लगाते हैं। मार्च का महीना किन्नू बागों में फ्लावरिंग का होता है। इस समय बागों में फूल निकल रहे हैं। अच्छी देखभाल करने पर बाग किसानों को अच्छी आमदनी दे रहा है।
इतना हुआ औसत उत्पादन
बीते सीजन में किन्नू बागों में औसत उत्पादन 400 से 450 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। एक हेक्टैयर में 278 पौधे लगाए जा सकते हैं। वर्तमान में करीब एक हजार किसान बागवानी कर रहे हैं। बागवानी करने वाले किसानों की आमदनी बढऩे की वजह से दूसरे किसान भी उनसे प्रेरित होकर बाग लगाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर के किन्नू की मांग पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी खूब होती है। अपनी मुल्क के अलावा पड़ौसी देशों में भी यहां का किन्नू जाता है।
यहां प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष किन्नू फसल को पंच गौरव में शामिल कर जिला मुख्यालय पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर किन्नू’ की स्थापना को लेकर प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवाया था। इसके बाद अब तक सरकार ने इसे लेकर आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की है। इसकी स्थापना को लेकर सरकार गंभीर हो जाए तो हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर किन्नू फलों के सभी वैरायटी की यहीं पर ट्रायल हो सकेंगे। किन्नू बागों में नित पनप रहे कीट नियंत्रण को लेकर भी नियमित अनुसंधान हो सकेंगे। किन्नू पौधों की आधुनिक नर्सरी तैयार होगी। इससे किन्नू बाग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित बनेंगे। किसानों को इससे काफी प्रोत्साहन मिलेगा।
देखकर हो रहे प्रेरित
किन्नू बाग लगाने को लेकर विभाग को नए लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसे लेकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। बीते सीजन में किन्नू उत्पादक किसानों को रिकॉर्ड भाव मिले हैं। इससे दूसरे किसान भी प्रेरित हो रहेे हैं। बाग लगाने के साथ इनकी नियमित देखभाल जरूरी है। तभी इनसे अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
-साहबराम गोदारा, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग हनुमानगढ़।