नेशनल हाइवे नंबर 754 (के) से संबंधित मामले में बीते माह सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए याचिका को अब खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए संबंधित किसान संगठनों को इससे अवगत करवा दिया है।
हनुमानगढ़. नेशनल हाइवे नंबर 754 (के) से संबंधित मामले में बीते माह सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए याचिका को अब खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए संबंधित किसान संगठनों को इससे अवगत करवा दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को कोर्ट का आदेश भी प्राप्त हो गया है। इससे अब प्रोजेक्ट को गति मिलने के आसार हैं। इस प्रकरण में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हनुमानगढ़ कार्यालय के परियोजना निदेशक मोहम्मद शफी ने बताया कि इस मामले में कोर्ट का आदेश प्राप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार भूमि बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े किसान व अन्य लोगों ने भूमि अधिग्रहण मामले में आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की अगुवाई में कमेटी गठित कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण करवाने, दोबारा सर्वे करवाकर उचित रेट पर किसानों की भूमि अधिग्रहण करने आदि का उल्लेख किया गया था।
बीते माह याचिका दायर करने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। नेशनल हाइवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार भारत माला प्रोजेक्ट के तहत पंजाब के अमृतसर से गुजरात के जामनगर तक कुल 634 किमी तक छह लेन की लंबी सड़क का निर्माण होना है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 14000 करोड़ अनुमानित है। अक्टूबर 2022 तक सड़क निर्माण करवाने हैं। प्रोजेक्ट के तहत हनुमानगढ़ कार्यालय के अधीन नौ पैकेज में छह पर काम शुरू कर दिया गया है। जबकि तीन पर काम होना शेष है। इसमें अवार्ड से असंतुष्ट 431 किसानों ने वाद दायर किया हुआ है।
हनुमानगढ़ कार्यालय के अधीन श्रीगंगानगर व बीकानेर जिले में 252 किमी तक छह लेन की सड़क का निर्माण होना है। इसकी लागत चार हजार करोड़ अनुमानित है। छह लेन की हाइवे का निर्माण होने पर लोगों का समय बचने के साथ ही ईंधन मद में काफी पैसा भी बचेगा। प्रोजेक्ट में ऑटोमैटिक टोल वसूली का प्रावधान किया गया है। सिक्स लेन सड़क पर वाहन चालक जितने किमी तक सड़क का उपयोग करेगा, उतने किमी तक का ही टोल वसूला जाएगा।