
टिब्बी (हनुमानगढ़): टिब्बी कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डिलीवरी के लिए पहुंची प्रसूता को भर्ती कर प्रसव कराने की बजाय कथित तौर पर रेफर किए जाने के बाद सीएचसी के बाहर ही बच्चे का जन्म होने का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार रात सीएचसी के मुख्य द्वार के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क पर धरना दिए जाने से मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई और काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। रात पौने बारह बजे तहसीलदार हरीश सारण के साथ दूसरे दौर की वार्ता में सहमति बनी। एक अतिरिक्त चिकित्सक और एक महिला नर्सिंगकर्मी की नियुक्ति का लिखित में आश्वासन दिया गया।
इससे पहले घटना की सूचना पर टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार हरीश सारण तथा ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक भी सीएचसी पहुंचे और धरना दे रहे नागरिकों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, नागरिक अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि प्रसूता को समय पर सीएचसी में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो उसे सीएचसी के बाहर प्रसव की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। नागरिकों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नागरिकों ने सीएचसी में चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा स्टॉफ के रिक्त पद जल्द भरने की मांग भी उठाई।
उनका कहना था कि क्षेत्र की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टिब्बी सीएचसी पर निर्भर है। ऐसे में यहां पर्याप्त चिकित्सकीय स्टॉफ और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मान सिंह राठौड़, पार्षद प्रतिनिधि मनीष अरोड़ा, पुनीत कल्याणी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक ने बताया कि चिकित्सा स्टाफ ने प्रसूता को उसके परिजनों के आग्रह पर रेफर किया था। प्रसूता के परिजन उसे डिलीवरी के लिए सिरसा ले जाना चाहते थे। वहीं, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रेम कस्वा ने बताया कि उन्होंने प्रसूता के परिजनों को समझाया था कि सामान्य प्रसव सीएचसी में कराया जा सकता है, लेकिन वे उसे सिरसा ले जाने पर अड़े रहे। इसके बाद उनके आग्रह पर प्रसूता को रेफर किया गया।