https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी को लेकर जल संसाधन विभाग स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव पहले ही कलक्टरों को निर्देश जारी कर चुके हैं। इसी क्रम में जंक्शन स्थित जल संसाधन विभाग के सिद्धमुख सभागार में अभियंताओं की बैठक हुई।
नहरबंदी में कैसे करवाएंगे रीलाइनिंग, अभियंताओं से लिया फीडबैक
-निर्माण ठेकेदारों ने भी अभियंताओं के समक्ष रखी अपनी समस्याएं
-बंदी अवधि में आने वाली संभावित समस्याओं पर चर्चा कर निकाले समाधान
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी को लेकर जल संसाधन विभाग स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव पहले ही कलक्टरों को निर्देश जारी कर चुके हैं। इसी क्रम में जंक्शन स्थित जल संसाधन विभाग के सिद्धमुख सभागार में अभियंताओं की बैठक हुई। इसमें हनुमानगढ़ जिले के अलावा श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, घड़साना आदि खंड के अभियंता शामिल हुए। जल संसाधन विभाग जयपुर कार्यालय के चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल अमरजीत मेहरड़ा ने बैठक के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर निर्माण सामग्री पहुंचने के बाद इसकी रिपोर्ट भी अधिकारी तैयार कर लें। सभी ने गत वर्षों में हुए रीलाइनिंग कार्य के अनुभव शेयर करते हुए संभावित समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान भी सुझाए। इस मौके पर जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बंदी के दौरान होने वाले कार्यों के बारे में फीडबैक लेकर सभी अधिकारियों को सतर्क होकर कार्य करवाने की बात कही। सभी कार्यों की चेक लिस्ट तैयार करके इसके अनुसार ही सभी कार्य पूर्ण करवाने पर जोर दिया गया। रीलाइनिंग के दौरान सीमेंट या अन्य निर्माण सामग्री की कमी नहीं आए, इसके लिए उच्च स्तर से अभी से पत्राचार शुरू करवाने का निर्णय लिया गया। जिससे निर्धारित अवधि में रीलाइनिंग कार्य पूर्ण हो सके। प्रतिदिन होने वाले कार्य की मॉनीटरिंग गूगल शीट के जरिए सूचना तैयार करे करवाने का निर्देश दिया। सील्ट डिस्पोजल भी प्लान के अनुसार ही करने की बात कही। निर्माण ठेकेदार की टीम को अभियंताओं की ओर से टे्रनिंग देने की सलाह भी दी गई। अभियंताओं का कहना था कि कोरोना काल में ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। जबकि निर्माण सामग्री के रेट बढ़ रहे हैं। इस स्थिति में ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं पर गहनता से चर्चा करने की जरूरत बताई। साथ ही प्रतिदिन होने वाले कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए क्वालिटी कंट्रोल की टीम भी तैनात रहेगी। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस बार तीस मार्च से 29 मई तक इंदिरागांधी नहर में बंदी रहेगी। इसमें तीस मार्च से २८ अप्रेल तक आंशिक बंदी रहेगी। आंशिक बंदी में राजस्थान को सरहिंद फीडर से २००० क्यूसेक पानी पेयजल के लिए मिलता रहेगा। वहीं २९ अप्रेल से २८ मई तक तीस दिन पूर्ण बंदी रहेगी। इस अवधि में पंजाब व राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य करवाए जाएंगे। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन रामाकिशन, लखपतराय मेहरड़ा, सुरेश कुमार सुथार, रामहंस सैनी, एसई राम सिंह सहित अन्य बैठक में मौजूद रहे।
भिजवाएंगे सरकार को प्रस्ताव
अभियंताओं की बैठक संपन्न होने के बाद मुख्य अभियंता ने निर्माण ठेकेदारों के साथ भी बैठक की। इसमें निर्माण ठेकेदारों ने गत वर्ष हुए टेंडर के दौरान कार्य करने पर समय अवधि वृद्धि का प्रमाण पत्र देने की मांग रखी। साथ ही रेट को लेकर भी अपनी बात रखी। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने निर्माण ठेकेदारों की ओर से रखी गई समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भिजवाने का आश्वासन दिया। बंदी अवधि में राजस्थान भाग में कुल ७३ कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
इतने क्षेत्र में होंगे कार्य
नहरबंदी अवधि में राजस्थान क्षेत्र की इंदिरागांधी मुख्य नहर के ४९ किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य होंगे। इसके लिए २५० करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसी तरह इंदिरागांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में ३० किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। पंजाब में चरणबद्ध तरीके से १०० किमी में होने वाले रीलाइनिंग कार्य के लिए १३०० करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। रीलाइनिंग कार्य होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में जगह-जगह से नहर की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा है।