हनुमानगढ़. जिला औषधि भंडार से मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के स्टॉक में हेरफेर कर एनडीपीएस घटकयुक्त दवा नशेडिय़ों को विक्रय के मामले में पुलिस ने संविदाकर्मी को गिरफ्तार किया है।
जिला औषधि भंडार से एनडीपीएस घटकयुक्त दवा पार प्रकरण की परतें खुली तो आएंगे कई लपेटे में
- नि:शुल्क दवा योजना में हेरफेर का आरोपी संविदाकर्मी रिमांड पर
- आरोपी के कब्जे से 400 नशीली टेबलेट बरामद
हनुमानगढ़. जिला औषधि भंडार से मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के स्टॉक में हेरफेर कर एनडीपीएस घटकयुक्त दवा नशेडिय़ों को विक्रय के मामले में पुलिस ने संविदाकर्मी को गिरफ्तार किया है। औषधि भंडार में हेल्पर के पद पर संविदा पर नियुक्त आरोपी रिंकू (26) पुत्र इन्द्राज कुम्हार निवासी वार्ड एक, चक ज्वालासिंहवाला को जंक्शन पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड मंजूर कराया। आरोपी ने दो दिन पहले नशीली टेबलेट सहित पकड़े गए श्योकत अली उर्फ खट्टू (38) पुत्र इशाक मोहम्मद निवासी गांव गाहडू हाल रूपनगर टाउन को नशीली टेबलेट बेचने की बात कुबूली है। मामले की जांच जंक्शन थाना प्रभारी नरेश गेरा कर रहे हैं।
टाउन पुलिस ने मंगलवार रात सतीपुरा बायपास रोड पर घग्घर नाली पुल के पास से रिंकू कुम्हार के कब्जे से एनडीपीएस घटकयुक्त 400 नशीली टेबलेट बरामद की। उसकी बाइक जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रिंकू जंक्शन स्थित जिला औषधि भंडार में हेल्पर के पद पर संविदा पर कार्यरत है। वह राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों को नि:शुल्क दी जाने वाली दवाओं को मौका देखकर निकाल लेता था। बाद में डिमांड के अनुसार नशा बेचने वालों को सप्लाई करता था। आरोपी करीब एक साल से जिला औषधि भंडार में कार्यरत है। वह दो-तीन बार टेबलेट निकालने की बात स्वीकार कर चुका है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
परतें खोली जानी जरूरी
खास बात यह है कि जिले में नशीली दवा की तस्करी व खपत पिछले एक दशक में बहुत बढ़ गई है। मगर मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना की एनडीपीएस घटकयुक्त नशीली टेबलेट बरामदगी का यह संभवत: पहला मामला है। यह मामला जिला औषधि भंडार से जुड़ा हुआ है, जहां पूरे जिले के लिए दवा की सप्लाई आती है। यह तय है कि आरोपी रिंकू ने कोई पहली दफा सरकारी स्टॉक से दवा पार नहीं की होगी। इसके बावजूद वह चिकित्सा विभाग की पकड़ में नहीं आया। पुलिस की पकड़ में भी तब आया जब टाउन पुलिस ने श्योकत अली उर्फ खट्टू को नशीली दवा बेचते पकड़ा। उसने ही यह जानकारी पुलिस को दी। इसका मतलब है कि जिला औषधि भंडार की दवा के स्टॉक की निगरानी व्यवस्था पुख्ता नहीं है या फिर अनदेखी की जा रही हो। अगर इस मामले की परतें खोली जाए तो कई और भी लपेटे में आ सकते हैं।
चिकित्सा संस्थानों से मांगी स्टॉक की जानकारी
इधर, चिकित्सा विभाग ने जिला औषधि भण्डार के जिला परियोजना समन्वयक, समस्त सीएचसी तथा पीएचसी के प्रभारी अधिकारियों को नि:शुल्क दवा योजना के तहत उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा समस्त मेडिकल ऑफिसर्स को डॉक्टर की पर्ची के बगैर दवाइयां नहीं देने के लिए पाबंद किया है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में दवाइयों के स्टॉक के मिलान को लेकर जिला औषधि भण्डार के जिला परियोजना समन्वयक को समस्त दवाइयों के स्टॉक की जानकारी देने को कहा है। साथ ही समस्त सरकारी चिकित्सा संस्थानों को वितरित दवाइयों की जानकारी एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी मांगी है। खासकर एनडीपीएस घटक की दवाइयों की। यदि इसमें कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनडीपीएस घटक की दवाइयां अधिक मात्रा में चिकित्सकों पर लिखने के लिए दबाव ना बनाया जाए।
दवा तस्करी के आरोपी खट्टू को भेजा जेल
एमएनडीवाई की एनडीपीएस घटक युक्त 600 नशीली टेबलेट बरामदगी मामले में गिरफ्तार आरोपी श्योकत अली उर्फ खट्टू को रिमांड अवधि समाप्त होने पर जंक्शन पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भिजवा दिया गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से नशा बेचने का काम कर रहा है। करीब 15-20 दिन पहले उसने खुद के पैर में नशे का इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन के रिएक्शन से उसका पैर खराब हो गया। चक ज्वालासिंहवाला निवासी रिंकू से नशे की गोलियां मंगवाकर बेचता था। जब्त की गई नशीली गोलियां उसने आठ अगस्त को दी थी। दस पत्तों के रिंकू उससे 350 रुपए लेता था। गौरतलब है कि टाउन पुलिस ने सोमवार देर शाम रूपनगर से श्योकत अली को अपने घर के बाहर नशीली टेबलेट बेचते पकड़ा था। उसके कब्जे से 600 अल्प्राजोलम टेबलेट बरामद की। सभी टेबलेट पर राजस्थान गवर्नमेंट सप्लाई नोट फॉर सेल अंकित था। इसकी जांच जंक्शन पुलिस को सौंपी गई।