https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर जंक्शन में औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से प्रवाहित हो रहे प्रदूषित पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने से नागरिक परेशान हो रहे हैं। समस्या का समाधान करवाने की मांग को लेकर औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक स्थित खुंजा क्षेत्र के लोगों की रविवार को बैठक हुई।
जानिए...हनुमानगढ़ में वह कौन सा क्षेत्र है, जहां अफसर मुंह पर रुमाल लगाकर आधे घंटे नहीं रह सकते, मगर आसपास में कैसे रह रहे हैं हजारों लोग
-प्रदूषण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे लड़ाई खुंजा क्षेत्र के लोग
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर जंक्शन में औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से प्रवाहित हो रहे प्रदूषित पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने से नागरिक परेशान हो रहे हैं। समस्या का समाधान करवाने की मांग को लेकर औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक स्थित खुंजा क्षेत्र के लोगों की रविवार को बैठक हुई। इसमें नागरिकों ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी व प्रदूषित हवा को रोकने की मांग की। इस मौके पर मनोज बड़सीवाल ने कहा कि फैक्ट्रियों से प्रवाहित अपशिष्ट से आसपास का वातावरण खराब हो रहा है। लोग सांस व दूसरी अन्य बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।
लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पूर्व में कुछ अधिकारियों ने इसे लेकर प्रयास जरूर किए। लेकिन उनके तबादले के बाद आए अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इसके कारण समस्या बढ़ती जा रही है। फैक्ट्रियों से प्रवाहित पानी की रोकथाम को लेकर प्रस्तावित ट्रीटमेंट निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग की। जिससे क्षेत्र को बदबू से निजात मिल सके। पार्षद संजय कुमार, अब्दुल हाफिज, डॉ. बक्शीश सिंह रामगढिय़ा, जसविंदर धारीवाल, सुखराम बागड़ी, रणजीत सिंह, गुरदेव सिंह, राजकुमार बागोरिया, दर्शन सिंह पाठी, दरबार सिंह, रवि, गुरदीप सिंह, संतराम सांसी, गुरदेव सिंह बावरी व कीकर सिंह आदि मौजूद रहे।
बदबू ऐसा कि अफसर भागने को मजबूर
जंक्शन में रीको क्षेत्र की फैकिट्रयों से प्रवाहित अपशिष्ट से वातावरण इतना बदबूदार हो रहा है कि दो-तीन बरस पहले जांच करने को पहुंचे कुछ अधिकारियों को भागने को मजबूर होना पड़ा था। मुंह को रुमाल से ढंकने के बाद भी कुछ अधिकारी बदबू के कारण बेचैन हो गए थे। करीब चार वर्ष पहले तत्कालीन जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने प्रदूषित पानी मामले में कुछ सख्ती दिखाई थी। इसमें एक फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया गया था। परंतु कलक्टर के जाते ही मामला अधरझूल में लटक गया। बाद के कलक्टरों ने इस मामले को उतनी गंभीरता से नहीं लिया।
सेहत के साथ खिलवाड़
बैठक में नागरिकों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए फैक्ट्री संचालक सरेआम खुले में अपशिष्ट प्रवाहित कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि नहर किनारे हजारों लीटर अपशिष्ट जमा हो रहा है। ऐसे में खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। नियमों का उल्लंघन करते हुए फैक्ट्रियों का संचालन होने से समस्या लगातार बढ़ रही है।