विपक्ष पर प्रहार करते हुए जल संसाधन मंत्री डॉ.रामप्रताप ने कहा कि कई नेता ऐसे हैं, जब उनको मालूम हो जाता है कि दो दिन बाद नहर में पानी आने वाला है तो एक दिन पहले किसानों को बेवकूफ बनाकर धरना-प्रदर्शन की भूमिका तैयार करते हैं।
हनुमानगढ़.
विपक्ष पर प्रहार करते हुए जल संसाधन मंत्री डॉ.रामप्रताप ने कहा कि कई नेता ऐसे हैं, जब उनको मालूम हो जाता है कि दो दिन बाद नहर में पानी आने वाला है तो एक दिन पहले किसानों को बेवकूफ बनाकर धरना-प्रदर्शन की भूमिका तैयार करते हैं। दो दिन बाद पानी आने पर झूठी वाहावाही बटोरने का काम करते हैं। यही हाल मुआवजे के वक्त करते हैं। जब पता लग गया कि मुआवजा मिलने वाला तो तीन-चार दिन पहले धरना प्रदर्शन शुरू कर देते हैं। इस तरह के चोर उच्चके सिर्फ ठग्गियां करना ही जानते हैं, इनसे कार्यकर्ताओं को सचेत रहना होगा।
आगे कहा कि एटा-सिंगरासर मामला आज का नहीं है, चालीस वर्ष पुराना है, उस वक्त तीन हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की योजना तैयार की गई थी। इसके पश्चात कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए 13000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए डीपीआर तैयार कर दी। एक साल पहले विपक्ष के कुछ लोगों को यह मामला उठाना फिर से याद आ गया। हमारी समझ से परे यह है कि इससे पहले यह मामला क्यों नहीं उठाया गया। कुछ नेता बेवजह किसानों को परेशान करने के लिए धरना प्रदर्शन कराकर गुमराह कर रहे हैं। मंत्री बुधवार को सतीपुरा बाइपास स्थित जीएम रिसोर्ट में आयोजित भाजपा सम्मेलन में बोल रहे थे। सरकार के तीन वर्ष पूर्ण: होने पर कार्यक्रम हुआ था। प्रभारी मंत्री अजय सिंह किलक, सांसद निहालचंद मेघवाल, विधायक संजीव बेनीवाल, द्रोपदी मेघवाल, अभिषेक मटोरिया, मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मेहरूनिशा टाक, जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई, पूर्व जिलाध्यक्ष कपूर सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गुलाब सिंवर, सभापति राजकुमार हिसारिया, पार्षद अमरसिंह राठौड़, पार्षद देवेन्द्र पारीक आदि मौजूद रहे।
मंत्री ने उठाया घूंघट
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कुछ गरीब परिवारों को गैस सिलेंडर वितरित करने के लिए महिलाओं को मंच पर बुलाया जाने लगा। ज्यादातर महिलाएं घूंघट में थी। इसके कारण फोटो सहीं नहीं होने की वजह जल संसाधन मंत्री ने महिला को इसे हटाने के लिए कहा तो उसके समझ में नहीं आया। मंत्री को खुद घूंघट हटाकर बताना पड़ा तब जाकर महिलाओं के बात समझ आई।
चूल्हे लो, सिलेंडर बाद में
उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को सम्मेलन में चूल्हे तो हाथों-हाथ वितरित किए गए। लेकिन सिलेंडर की जगह उसकी प्रतीकात्मक तस्वीर देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में सिलेंडर का वितरण संभव नहीं होने के कारण सीधे घरों में भेजने को कहा गया। इसके अलावा कई लोगों को सब्सिडी छोडऩे पर भी पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।
सांसद-विधायकों के बोल
भादरा विधायक संजीव बेनीवाल ने कहा कि इन तीन वर्षों में हिन्दुस्तान की ताकत बढ़ी है। आज भारत को पूरा विश्व सलाम करता है। यह भाजपा के पीएम मोदी के प्रयासों के बाद संभव हो पाया है। नोहर विधायक अभिषेक मटोरिया ने देश में सभी को एक सामान करने के लिए गाडिय़ों पर बत्ती हटाकर वीआईपी कल्चर खत्म करने व वन रेंक वन पेंशन योजना को लागू करने के पीछे इसका श्रेय पीएम मोदी को दिया। सांसद निहालचंद मेघवाल ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कि गत सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की भरमार थी, तभी कांग्रेस के मंत्री बाहर कम जेल के अंदर ज्यादा रहते थे। इन तीन साल में भाजपा की सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मेहरूनिशा टाक ने सरकार की ओर से एमएसडीपी के तहत अबतक 33 करोड़ के विकास कार्य कराने की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री अजय सिंह किलक ने दावा किया कि केसीसी जैसी योजना भाजपा सरकार लेकर आई थी। पीएम मोदी का सपना है 2022 तक किसानों की आय को दोगुना किया जाए।