हनुमानगढ़

हनुमानगढ़ जिले में यहां सार्दुल नहर की लाइनिंग धंसी, हजारों ग्रामीणों पर मंडराया खतरा

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में सार्दुल नहर की लाइनिंग धंसने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कलक्टर के निर्देश पर मिट्टी भरे 200 थैले लगाकर कटाव को रोका गया है।
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Sardul canal
फाइल फोटो- पत्रिका

हनुमानगढ़। जिले में संगरिया क्षेत्र की प्रमुख सिंचाई व्यवस्था मानी जाने वाली जीवनदायनी सार्दुल ब्रांच नहर की हालत इन दिनों खतरनाक होती जा रही है। मंगलवार को 12 हेड ढाबां (चक 2 एसएनजी) के समीप नहर लाइनिंग धंसने की सूचना सामने आई। इससे नहर के टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया। जिला कलक्टर के निर्देश पर अस्थाई तौर पर मिट्टी भरे 200 थैले लगाकर कटाव को भरा गया है।

किसान कृष्ण गोदारा, जगदीश, जुगल, ज्ञानप्रकाश गोदारा आदि से मिली जानकारी के अनुसार लाइनिंग धंसना खतरे की घंटी बन गया। समय रहते मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो इससे क्षेत्र में जलभराव और जनहानि की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से नहर की दीवारें कमजोर नजर आ रही थीं, लेकिन संबंधित विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों ने कहा- खतरा बरकरार

ग्रामीणों ने बताया कि अब स्थिति बिगड़ गई और लाइनिंग का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। पानी का बहाव तेज होने पर कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या निराकरण की गुहार लगाई और जिला कलक्टर को भी अवगत करवाया गया।

जेसीबी लगाकर भरवाई गई मिट्टी

जल संसाधन विभाग के जेईएन सुभाष भास्कर ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम से प्राप्त आदेशों की पालना में जेसीबी मशीन की मदद से मिट्टी भरवाई गई है। मिट्टी भरे करीब 200 थैले धंसी लाइनिंग को सही करने के लिए लगाए गए हैं ताकि कटाव आगे नहीं बढ़े।

3 अगस्त के बाद स्थाई समाधान का आश्वासन

सुभाष ने बताया कि पेचवर्क कार्य दौरान करीब तीन फुट कार्य ठेकेदार से पानी चलने की वजह से छूट गया था। तीन अगस्त को फिर से पानी नीचे होते ही बकाया काम करवाया जाएगा। कटाव की मरम्मत तथा पक्का निर्माण कार्य करवाकर स्थाई तौर से समस्या का निराकरण करेंगे।

Updated on:
31 Jul 2025 06:14 pm
Published on:
31 Jul 2025 06:14 pm