हनुमानगढ़

बोनस के लालच में पड़े, अब पड़ेगा महंगा, बाहरी राज्यों से गेहूं के आने की आशंका में एडीएम ने किया निरीक्षण

हनुमानगढ़: जंक्शन मंडी में पहुंच कर सोमवार को गेहूं की जांच करते अधिकारी।
हनुमानगढ़: जंक्शन मंडी में पहुंच कर सोमवार को गेहूं की जांच करते अधिकारी।

हनुमानगढ़. जिले में इस बार भी एमएसपी पर सर्वाधिक गेहूं खरीद हनुमानगढ़ जिले से होने के उम्मीद है। स्थिति यह है कि अभी जिले में लगी नई गेहूं की फसल अभी तक कटनी भी शुरू नहीं हुई है। अप्रेल के पहले सप्ताह में इसकी कटाई शुरू होगी। परंतु कटाई से पहले ही मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। आशंका है कि यह बाहरी राज्यों में उत्पादित अगेती गेहूूं है।

राजस्थान में एमएसपी खरीद के अतिरिक्त 150 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस मिलने की वजह से पड़ौसी राज्यों के किसान भी हनुमानगढ़ मंडी की तरफ फसल लेकर आ रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन स्तर पर इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, कृषि विपणन विभाग के उप निदेशक विष्णुदत्त शर्मा की निगरानी में सोमवार को टीम ने जंक्शन मंडी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ जगह गेहूं के ढेर मिलने पर इसके बिल और बिल्टी आदि की जांच शुरू कर दी है। एडीएम ने बताया कि उक्त गेहूं में कुछ गेहूं मार्केट रेट पर बिका है। लेकिन एमएसपी पर उक्त गेहूं के भाव लगे हैं या नहीं, इसकी जांच जारी है।

उन्होंने नियम विरुद्ध तरीके से मंडी में शैड के नीचे अनाज भंडारण करने वाले व्यापारियों को चेताया है कि वह तत्काल फसल यहां से उठा लें। ताकि जैसे ही नई फसल मंडी में आए, किसानों को उसे बेचने में दिक्कत नहीं आए। हनुमानगढ़ जिले में करीब आठ लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो प्रदेश में सर्वाधिक है। पूरे प्रदेश में इस बार 23 लाख एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 16 मार्च से गेहूं खरीद की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। लेकिन मंडियों में फसल की आवक अप्रेल में होने की उम्मीद है।

Updated on:
23 Mar 2026 01:01 pm
Published on:
23 Mar 2026 01:01 pm