हनुमानगढ़. बीते बरस गार्गी पुरस्कार हासिल करने वाली छात्राओं को इनामी राशि की दूसरी किस्त के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ है। इस बार बालिकाएं स्वयं के स्तर से ऑनलाइन आवेदन कर पुरस्कार राशि की दूसरी किस्त प्राप्त कर सकेंगी।
पुरस्कार राशि के लिए 43 हजार से अधिक छात्राएं कतार में
- गार्गी पुरस्कार की दूसरी किस्त के लिए 31 तक भरे जाएंगे ऑनलाइन आवेदन
- जिले से लेकर प्रदेश भर में नहीं घटी संख्या पात्र छात्राओं की तादाद
- निरंतर अध्ययनरत रहने पर ही मिलती है राशि
हनुमानगढ़. बीते बरस गार्गी पुरस्कार हासिल करने वाली छात्राओं को इनामी राशि की दूसरी किस्त के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ है। इस बार बालिकाएं स्वयं के स्तर से ऑनलाइन आवेदन कर पुरस्कार राशि की दूसरी किस्त प्राप्त कर सकेंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। वर्ष 2019 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2020 में गार्गी पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राएं शाला दर्पण पोर्टल पर द्वितीय किस्त के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
बड़ी बात यह कि प्रदेश में 43 हजार से अधिक पात्र बालिकाएं दूसरी किस्त के लिए आवेदन कर सकेंगी। जिले से लेकर प्रदेश भर में पहली किस्त लेने के बाद दूसरी किस्त लेने वाली छात्राओं की संख्या घटी नहीं है। इसका मतलब है कि पात्र छात्राएं निरंतर अध्ययनरत हैं। अब वे बारहवीं कक्षा में पढ़ रही हैं। क्योंकि पुरस्कार के लिए चयनित छात्रा का निरंतर अध्ययनरत होना अनिवार्य है। इस पुरस्कार का उद्देश्य भी यही है कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन मिले तथा ड्रॉप आउट पर लगाम लगे।
जिले-प्रदेश में कितनी
अगर जिले की बात करें तो वर्ष 2019 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर 1662 छात्राओं ने गार्गी पुरस्कार हासिल किया था। उनको पहली किस्त की राशि गत वर्ष दे दी गई। अब दूसरी किस्त के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश भर में कुल 43329 छात्राएं द्वितीय किस्त के लिए पात्र हैं।
इसलिए पुरस्कार
कक्षा दस में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को गार्गी पुरस्कार दिया जाता है। बालिका शिक्षा फाउंडेशन राजस्थान, जयपुर की ओर से पुरस्कार के तहत कक्षा दसवीं की छात्राओं को छह हजार रुपए तीन-तीन हजार की दो किस्तों में दिए जाते हैं।
आवेदन की जिम्मेदारी
गार्गी पुरस्कार की द्वितीय किस्त के आवेदन शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन शुरू कर दिए गए हैं। बालिकाओं को आवेदन करना होगा। निश्चित समयावधि में उनके आवेदन भरवाना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी शिक्षा अधिकारियों एवं संस्था प्रधानों की रहेगी। - हंसराज जाजेवाल, डीईओ माध्यमिक मुख्यालय।