https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. नियम विरुद्ध तरीके से गांव में विकास कार्य करवाने पर अब जिला परिषद सीईओ ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। हाल ही में बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित अन्य के नाम नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है।
धांधली सामने आने पर अब जिम्मेदारों को थमाया नोटिस
-ग्राम पंचायत ब्रह्मसर क्षेत्र में विकास कार्य करवाने के दौरान अनियमितता बरतने का मामला
-जिला परिषद सीईओ ने तत्कालीन बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित अन्य को किया जवाब-तलब
हनुमानगढ़. नियम विरुद्ध तरीके से गांव में विकास कार्य करवाने पर अब जिला परिषद सीईओ ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। हाल ही में बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित अन्य के नाम नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है। इसमें दो कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को भी नोटिस जारी किया गया है। जिन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियम विरुद्ध तरीके से ११ कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियां जारी कर दी। तथ्यों व सुबूत के साथ जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई करने का उल्लेख नोटिस में किया गया है।
प्रकरण के अनुसार जिले की रावतसर पंचायत समिति के ग्राम पंचायत ब्रह्मसर में मनमाने तरीके से सीसी ब्लॉक सड़क का निर्माण करवाने का मामला गत दिनों सामने आया था। करीब ६९.५० लाख रुपए के कुल १७ कार्यों की जांच में कई तरह की गड़बडिय़ां सामने आई। जिला परिषद की ओर से गठित टीम ने जांच पूर्ण करके रिपोर्ट सीईओ को सौंपी तो अब सीईओ ने इस मामले में कार्रवाई से पहले जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया है। वर्तमान में संबंधित ग्राम पंचायत में करवाए गए कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं।
इससे रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका अब खत्म हो गई है। उक्त मामले की अब तक की गई जांच में ग्राम विकास अधिकारी के साथ ही तत्कालीन बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध रही है। जांच के दौरान ग्राम विकास अधिकारी की ओर से नियम विरुद्ध कार्य करवाने पर तत्कालीन बीडीओ की ओर से बिना किसी पड़ताल के ही उस पर मोहर लगाने की पुष्टि हुई है। इस प्रकरण में शिकायकर्ता रामकुमार का आरोप है कि ब्रह्मसर में पदस्थापित ग्राम विकास अधिकारी शकीला बिश्नोई ने सरपंच के साथ मिलकर गांव में निर्माण कार्य नियमानुसार पूर्ण नहीं करवाए। मिलीभगत कर मनमाने तरीके से कार्य करवाकर घोटाला करने का आरोप लगाया है। इस तरह धांधली में सबकी भूमिका सामने आने के बाद जिला परिषद सीईओ ने जांच रिपोर्ट में नामांकित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को जवाब-तलब किया है। इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के सरपंच का नाम भी शामिल है।
समझें कैसे की धांधली
इस मामले में गांव रामका निवासी रामकुमार सोनी की ओर से की गई शिकायत के बाद संबंधित ग्राम पंचायत में वर्ष २०२०-२१ में करवाए गए इंटर लोकिंग सड़क व नाली निर्माण में अनियमितता मामले की जांच की गई। जांच में यह बात सामने आई है कि समस्त कार्यों के तकमीने में नाली निर्माण का कार्य लिए जाने के बाद भी मौके पर नाली निर्माण नहीं करवाया गया। जबकि सड़क निर्माण के साथ नाली निर्माण जरूरी था। १७ कार्य ग्राम पंचायत की वार्षिक योजना में राज्य वित्त आयोग में दर्ज मिले। ग्राम पंचायत की ओर से १५ कार्यों की स्वीकृति १४ वें वित्त आयोग में जारी कर नियम विरुद्ध भुगतान करने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान १७ में ११ ऐसे कार्य मिले , जिनकी तकनीकी स्वीकृति कलस्टर कनिष्ठ तकनीकी सहायक की बजाय दूसरे कनिष्ठ तकनीकी सहायक की ओर से जारी किए गए हैं।
पत्रिका ने उजागर किया मामला
जिले की ग्राम पंचायत ब्रह्मसर में इस तरह का मामला सामने आने पर राजस्थान पत्रिका में १४ नवम्बर २०२१ को 'ग्राम विकास अधिकारी ने मनमाने तरीके से बनाई सड़क, बीडीओ ने उस पर लगाई मुहरÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद अब जिला परिषद सीईओ ने संबंधित जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया है। साथ ही निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
तत्कालीन बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध
ब्रह्मसर ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियम विरुद्ध तरीके से निर्माण कार्य करवाने के मामले में तत्कालीन बीडीओ राजेंद्र जोइया की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। इसमें जोइया पर आरोप है कि बिना लेखा शाखा की टिप्पणी व सक्षम तकनीकी अधिकारी की ओर से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं होने के बावजूद इन कार्यों का समायोजन पत्र जारी कर दिया गया।
......वर्जन......
नोटिस देकर मांगा है जवाब
ब्रह्मसर ग्राम पंचायत में करवाए गए विकास कार्यों की जांच करने पर कई तरह की अनियमितताएं सामने आई है। इस मामले में बीडीओ से लेकर अन्य सभी जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। निर्धारित समय पूर्ण होने पर इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक असीजा, सीईओ, जिला परिषद हनुमानगढ़