हनुमानगढ़. पत्रिका के संस्थापक स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश जी के जन्म शताब्दी के अवसर पर जिले में विभिन्न आयोजन हो रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कर्पूर चंद्र कुलिश की स्मृति में पौधरोपण किया गया। पत्रिका और पर्यावरण पाठशाला हनुमानगढ़, मानव उत्थान सेवा समिति हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में जंक्शन में सिविल लाइन में […]
हनुमानगढ़. पत्रिका के संस्थापक स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश जी के जन्म शताब्दी के अवसर पर जिले में विभिन्न आयोजन हो रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कर्पूर चंद्र कुलिश की स्मृति में पौधरोपण किया गया। पत्रिका और पर्यावरण पाठशाला हनुमानगढ़, मानव उत्थान सेवा समिति हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में जंक्शन में सिविल लाइन में पौधरोपण किया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण पाठशाला के जिला संयोजक पदमेश कुमार सिहाग ने बताया कि कुलिश जी परम्परा और प्रगतिवाद के संगम थे। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से परम्परा और रूढ़ीवादिता में भेद करते हुए लोगों को रूढि़वाद त्याग कर प्रगतिशील बनने का संदेश दिया। इस अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष लाधुसिंह भाटी ने बताया कि कुलिश जी ने सामाजिक सरोकार की भूमिका निभाते हुए महिला शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया। घूंघट प्रथा को महिला विकास के लिए अवरोधक बताते हुए इसका खुलकर विरोध किया।
दहेज प्रथा को समाप्त करने के पैरोकार रहे। जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह, लोकराज शर्मा, विरेन्द्र सिंह सैनी, प्रोग्रामर सुभाष जिंदल, जिला परिषद के वरिष्ठ सहायक महावीर प्रसाद रोहिल्ला, उत्कर्ष शर्मा, रामावतार, राजेश असीजा, विपिन शर्मा, पत्रिका प्रतिनिधि पुरुषोत्तम झा आदि उपस्थित रहे। पौधे लगाने के साथ हर पौधे पर ट्रीगार्ड भी लगाए गए। सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पत्रिका लगातार मुहिम चलाती रही है। जीवन के लिए पेड़ जरूरी है। यह इंसान के साथ पशु पक्षियों के लिए भी काफी जरूरी हैं। तपती गर्मी में पेड़ की छांव राहगीरों को काफी सुकून देती है। इसलिए अपने आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए। ताकि मानव जीवन के साथ ही पशु-पक्षियों का जीवन भी सुरक्षित रहे।