हनुमानगढ़

संकट की घड़ी में सिस्टम पर उठ रहे सवाल

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़ जिले के अस्पतालों में कोविड संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सा महकमे का स्टाफ अपने हिसाब से व्यवस्था बनाने में लगा हुआ है परंतु सीमित संसाधनों के चलते संक्रमितों को सम्पूर्ण उपचार नहीं मिल रहा। सरकारी अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन नहीं मिलने की शिकायतें भी मिल रही है। पीडि़तों को किसी तरफ से राहत की किरण नजर नहीं आ रही।  

3 min read
संकट की घड़ी में सिस्टम पर उठ रहे सवाल

संकट की घड़ी में सिस्टम पर उठ रहे सवाल
हनुमानगढ़ जिले के अस्पतालों में कोविड संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सा महकमे का स्टाफ अपने हिसाब से व्यवस्था बनाने में लगा हुआ है परंतु सीमित संसाधनों के चलते संक्रमितों को सम्पूर्ण उपचार नहीं मिल रहा। सरकारी अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन नहीं मिलने की शिकायतें भी मिल रही है। पीडि़तों को किसी तरफ से राहत की किरण नजर नहीं आ रही।
संकट की घड़ी में लोगों को घरों में ही रखने की मंशा से इन दिनों अनुशासन पखवाड़ा चल रहा है। इसमें सुबह ग्यारह बजे तक ही लोगों को सड़कों पर चलने की अनुमति है। जिला प्रशासन व पुलिस की टीम मुस्तैदी के साथ सड़कों पर ड्यूटी दे रही है। वे अग्रणी मोर्चे पर डटे हुए हैं। इनकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। परंतु जिले में कुछ जगह पुलिसकर्मियों द्वारा बिना कारण जाने गाडिय़ां सीज करने की सूचनाएं भी मिल रही है। लोगों में डर बैठाने के हिसाब से भले पुलिस की यह कार्रवाई ठीक लगे परंतु संकट की इस घड़ी में पुलिस को व्यावहारिक बनने की जरूरत है। मनरेगा कार्य स्थल पर लगे मजदूरों के साथ पुलिस की ओर से मारपीट की घटना भी काफी चर्चा में रही है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछले वर्ष भी कोरोना काल में कुछ पुलिसकर्मियों की वजह से ही जिले का माहौल बिगड़ा था। संक्रमण के साए में जी रहे हैरान-परेशान लोगों के साथ अभी नरमी बरतने की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वह कोरोना की नई गाइड लाइन से थाना प्रभारी व स्टाफ को अवगत करवाएं। नाकाबंदी में लगे पुलिस व प्रशासन के स्टाफ को व्यवहारिक बनकर ड्यूटी करने की सलाह दें। संकट की इस घड़ी में हमें तत्काल राहत पहुंचाने की तरफ ध्यान देना चाहिए। इससे लोगों को राहत मिलेगी और उनकी पुलिस के प्रति राय भी बदलेगी।

समझाइश कम सख्ती ज्यादा
हनुमानगढ़. इस समय कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर सड़कों पर खूब सख्ती की जा रही है। स्थिति यह है कि बाजारों में सुबह ग्यारह बजते ही पुलिस की कार्रवाई शुरू हो जाती है। बिना किसी कारण से सड़क पर घूमने वालों के वाहन सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से तीन मई तक मनाए जा रहे जन अनुशासन पखवाड़ा की शर्तांे की पालना करवाने में प्रशासन व पुलिस की टीम मुस्तैदी से लगी हुई है। इसी क्रम में कलक्टर नथमल डिडेल और जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने अन्य अधिकारियों के साथ जंक्शन व टाउन बाजार का दौरा किया। इसके अलावा जंक्शन-टाउन में वह जगह देखी जहां कोविड केयर सेंटर बनाए जाने का विचार है। इन सेंटरों में उन कोरोना रोगियों को रखा जाएगा, जिनकी हालत गंभीर नहीं और ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए प्रशासन की ओर से निजी धर्मशालाओं सहित अन्य बेहतर जगहों को चिन्हित किया जा रहा है। इस मौके पर जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने कहा कि कोविड-19 महामारी का संक्रमण बहुत तेज गति से फैल रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। लॉकडाउन की शर्तांे का पालन बेहतर तरीके से हो, इसके लिए ही उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों सहित शहर का विजिट किया है। जिला कलक्टर डिडेल ने बताया कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि जो-जो गतिविधियां अनुमत हैं उनकी पूर्णतया पालना हो। इस समय कोरोना महामारी खतरनाक स्थिति में है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझे और जब तक आवश्यक नहीं हो घरों से बाहर नहीं निकले। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बेहतर है, उन्हें निजी धर्मशाला या अन्य बेहतर जगह पर रखा जा सके। ताकि रिकवरी भी जल्दी हो और वेंटीलेंटर व ऑक्सीजन के बेड हैं वो जिन रोगियों को वास्तव में आवश्यकता है उन रोगियों को दिलवा सकें। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी कपिल यादव, तहसीलदार दानाराम मीणा, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अवि गर्ग, जंक्शन थाना प्रभारी नरेश गेरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रह

Published on:
29 Apr 2021 09:38 am
Also Read
View All