हनुमानगढ़

Rajasthan Monsoon : प्रदेश में कमजोर मानसून का खतरा! भाखड़ा-पौंग डैम खाली, राजस्थान के 12 जिलों पर छा सकता है पेयजल संकट

Rajasthan Monsoon Update : राजस्थान में मानसून के कमजोर होने से हनुमानगढ़ के भाखड़ा व पौग डैम की हालत पतली है। अगर एक माह में झमाझम बारिश नहीं हुई तो राजस्थान के 12 जिलों पर पानी का संकट छा जाएगा।
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Hanumangarh News : पौंग डैम का दृश्य। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Monsoon Update : इस बार कमजोर मानसून की वजह से हनुमानगढ़ के भाखड़ा व पौग डैम की हालत पतली हो रही है। मानसून सीजन शुरू हुए करीब एक महीने हो रहे हैं। लेकिन अभी भी दोनों बांध खाली ही पड़े हैं। बांधों के भराव में अब एक महीने से भी कम का समय रह गया है। ऐसे में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो राजस्थान के बारह जिलों पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं।

इन दोनों बांधों से राजस्थान की इंदिरागांधी, भाखड़ा, गंगकैनाल, सिद्धमुख-नोहर परियोजना की नहरों को पानी मिलता है। ऐसे में इन दोनों बांधों का भरना राजस्थान के लिए जरूरी है। करीब 20 लाख हैक्टेयर खेती इन नहर परियोजनाओं पर निर्भर है। किसानों की निगाहें अब बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में संभावित बारिश पर टिकी हुई है। आंकड़ों की बात करें तो पौंग बांध की कुल भराव क्षमता 1390 फीट मानी जाती है। 22 जुलाई 2026 को इस बांध का लेवल 1324 फीट के करीब था। इस तरह यह बांध अभी भराव क्षमता की तुलना में 66 फीट खाली है।

इसी तरह भाखड़ा बांध की कुल भराव क्षमता 1680 फीट के करीब है। 22 जुलाई 2026 को इस बांध का लेवल 1587 फीट के करीब था। इस तरह यह बांध भी अब तक 93 फीट के करीब खाली है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में बरसात की सूचना जरूर है, लेकिन अब तक जिस हिसाब से बारिश होनी चाहिए, उतनी नहीं हुई है।

अभी जल भराव अवधि में करीब एक महीने का समय बचा है। 20 सितम्बर तक भंडारित पानी के हिसाब से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों का शेयर निर्धारित किया जाता है। हिस्से का निर्धारण बीबीएमबी स्तर पर होता है।

इतने जिलों को मिलता है पानी, डेढ़ करोड़ को होती है पेयजल आपूर्ति

पौग व भाखड़ा बांध में भंडारित पानी से राजस्थान की चार नहर परियोजनाओं को पानी मिलता है। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, फलौदी, झुंझुंनू आदि जिले शामिल हैं। करीब डेढ़ करोड़ लोगों को इन नहरों से पेयजल आपूर्ति होती है।

अब 27 को होगी बीबीएमबी की बैठक

भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक अब 27 जुलाई को रखी गई है। पहले इसकी तारीख 23 जुलाई निर्धारित की गई थी। लेकिन किसी कारण से अचानक बैठक स्थगित कर दी गई है। अब 27 जुलाई को होने वाली बैठक में राजस्थान सहित अन्य राज्यों को अगस्त में मिलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण किया जाएगा।

Updated on:
23 Jul 2026 04:48 pm
Published on:
23 Jul 2026 04:37 pm
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