Rajasthan Court News: पत्नी के साथ कथित प्रेम संबंध के शक में युवक की निर्मम हत्या के मामले में करीब 6 साल बाद अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई है।
Rajasthan Court News: संगरिया। पत्नी के साथ कथित प्रेम संबंध के शक में युवक की निर्मम हत्या के मामले में करीब छह साल बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गांव बोलांवाली हाल वार्ड एक संगरिया निवासी सीताराम (46) पुत्र साहबराम को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलवंत सिंह भारी ने धारा 302 भादंसं के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व 20 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में है।
बोलांवाली निवासी परसराम मेघवाल ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसका पुत्र राकेश कुमार (26) रात में सीताराम के घर गया था। सुबह स्वयं सीताराम का फोन आया कि राकेश की मौत हो गई है।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस जांच में सामने आया कि सीताराम को अपनी पत्नी और राकेश के बीच संबंधों का संदेह था। इसी शक ने रंजिश का रूप लिया। घटना की रात सीताराम ने धारदार कस्सी से राकेश पर ताबड़तोड़ वार किए।
गंभीर घायल राकेश ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। जिसे अगले दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मृतक के पिता ने रिपोर्ट में पूर्व में दी गई धमकियों का उल्लेख करते हुए अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। हालांकि अनुसंधान के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
सुनवाई दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 गवाहों के बयान व 48 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश सिंवल ने तर्क दिया कि आरोपी ने संदेह के आधार पर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया, जो समाज को झकझोरने वाला अपराध है।
अदालत ने अपराध की प्रकृति, परिस्थितियों व साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए माना कि यह पूर्व रंजिश और संदेह से प्रेरित गंभीर अपराध है।
न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में दंड का उद्देश्य केवल आरोपी को सजा देना नहीं, बल्कि समाज में कड़ा संदेश देना भी है। फैसले के साथ छह वर्ष से लंबित हत्याकांड का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।