हनुमानगढ़

हमारे पानी के हिस्से में मार रहे ‘डंडी’, जनता में विरोध का उबाल

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. बीबीएमबी स्तर पर राजस्थान की नहरों में लगातार पानी घटाने का प्रयास जारी है। बांधों का लेवल नीचे जाने की दलील देकर बीबीएमबी चेयरमैन राजस्थान के हिस्से में कटौती करने की बात भले कह रहे हैं। लेकिन राजस्थान को शेयर के अनुसार पानी दिलाने में पूरा सिस्टम नाकाम हो रहा है।  

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हमारे पानी के हिस्से में मार रहे 'डंडी', जनता में विरोध का उबाल

हमारे पानी के हिस्से में मार रहे 'डंडी', जनता में विरोध का उबाल
-तय हिस्से के अनुसार भी राजस्थान को नहीं मिल रहा पानी
हनुमानगढ़. बीबीएमबी स्तर पर राजस्थान की नहरों में लगातार पानी घटाने का प्रयास जारी है। बांधों का लेवल नीचे जाने की दलील देकर बीबीएमबी चेयरमैन राजस्थान के हिस्से में कटौती करने की बात भले कह रहे हैं। लेकिन राजस्थान को शेयर के अनुसार पानी दिलाने में पूरा सिस्टम नाकाम हो रहा है। हालात ऐसे हो रहे हैं कि बीबीएमबी की ओर से जितना शेयर प्रदेश के लिए निर्धारित किया हुआ है, उतना पानी भी राजस्थान को नसीब नहीं हो रहा। क्योंकि राजस्थान के शेयर में लगातार डंडी मारा जा रहा है।
पानी के आंकड़े देखेंगे तो बीबीएमबी की ओर से निर्धारित शेयर के अनुसार राजस्थान को २१ से ३० जून तक आरडी ४९६ पर ६४९५ क्यूसेक मिलना था। परंतु पिछले आठ दिनों में कभी भी पूरा पानी राजस्थान क्षेत्र में प्रवाहित नहीं हुआ। नहरी पानी में कमी का खमियाजा हमारे प्रदेश के किसान लगातार भुगत रहे हैं।
विडम्बना ही कहेंगे कि पंजाब व हरियाणा की इंदिरागांधी नहर में करीब एक माह से सिंचाई पानी चलाया जा रहा है। वहीं पौंग बांध में हमारे प्रदेश का सर्वाधिक पचास प्रतिशत शेयर होने के बावजूद राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में करीब चार माह से सिंचाई पानी नहीं चला है। अगले माह भी सिंचाई पानी चलेगा या नहीं, इस पर अभी तक संशय के बादल ही मंडरा रहे हैं। नहरी पानी नहीं मिलने से किसानों का गुस्सा उबाल ले रहा है। श्रीगंगानगर में किसानों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। वहीं हनुमानगढ़ में भी किसान संगठन लगातार सरकार को ज्ञापन भेजकर नहर में सिंचाई पानी चलाने की मांग कर रहे हैं।

पानी पर नजर
आरडी ४९६ से राजस्थान को २४ जून २०२१ को ५५५७ क्यूसेक पानी मिला। इसी तरह २५ जून को ५३४२, २६ को ५३४२, २७ जून को ५३४७ व २८ जून को ४९२० क्यूसेक पानी मिला। जबकि २१ से ३० जून तक राजस्थान क्षेत्र के लिए ६४९५ क्यूसेक निर्धारित है।

अब बादलों से आस
बीबीएमबी स्तर पर लगातार बांधों का लेवल घटने की बात कहकर शेयर में कटौती करने के संकेत मिल रहे हैं। इस स्थिति में अब राजस्थान के किसानों की आस बादलों पर टिकी हुई है। बादल बरसेंगे तभी किसानों को खरीफ की पकाई व रबी बिजाई के लिए पानी मिल सकेगा।

फिर भी बना संकट
३० जून २०२१ को भाखड़ा बांध का जल स्तर १५२५.७३ फीट था। आवक २९९५० व निकासी २७००० क्यूसेक हुई। इसी तरह पौंग बांध का लेवल १२८०.६६ फीट था। इसमें १५९५ क्यूसेक आवक हुई व ११५०४ क्यूसेक निकासी की गई। पौंग बांध में सर्वाधिक राजस्थान का हिस्सा निर्धारित है। फिर भी राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का संकट बना हुआ है।

Published on:
01 Jul 2021 09:50 am
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