हनुमानगढ़

गोशाला संचालकों को राहत, अब छह की बजाय नौ महीने का मिलेगा अनुदान

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. गोशाला संचालकों को अब छह की बजाय नौ महीने का अनुदान मिलेगा। इसकी घोषणा राज्य सरकार ने कर दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के अनुसार अब वर्ष में छह माह की जगह नौ महीने गोशालाओं को सरकारी अनुदान मिलेगा।  
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गोशाला संचालकों को राहत, अब छह की बजाय नौ महीने का मिलेगा अनुदान
गोशाला संचालकों को राहत, अब छह की बजाय नौ महीने का मिलेगा अनुदान

गोशाला संचालकों को राहत, अब छह की बजाय नौ महीने का मिलेगा अनुदान
-तूड़ी संकट के बीच राज्य सरकार के फैसले से गोशाला संचालकों को मिलेगी राहत
-गोशाला संचालकों को मिलेगा सम्बल, गोवंश संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

हनुमानगढ़. गोशाला संचालकों को अब छह की बजाय नौ महीने का अनुदान मिलेगा। इसकी घोषणा राज्य सरकार ने कर दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के अनुसार अब वर्ष में छह माह की जगह नौ महीने गोशालाओं को सरकारी अनुदान मिलेगा। इससे गोशालाओं को संबल प्राप्त होगा। सीएम के अनुसार प्रदेश सरकार की ओर से 1.56 करोड़ की लागत अनुदान से प्रत्येक ब्लॉक में नंदी शालाएं खोली जा रही है। इससे बेसहारा गोवंश को आश्रय मिलेगा। वर्तमान में तुड़ी संकट से जिले के गोशाला संचालक जूझ रहे हैं। इस स्थिति में सीएम की घोषणा से इनको काफी संबल मिलेगा। हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो यहां आठ लाख ४९ हजार गाय व भैंस हैं। इसी तरह 0.16 लाख ऊंट हैं। इनको अनुमानित 13.13 लाख मैट्रिक टन सूखे चारे की जरूरत पड़ेगी।
इस समय सूखा चारा विशेषकर तूड़ी विक्रय होकर दूसरे जिलों में स्थानांतरित होकर जाने के कारण जिले में संचालित 277 गोशालाओं में अनुमानित एक लाख नौ हजार 921 पशुओं के लिए चारा भंडारण पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रहा है। इसलिए भामाशाहों से भी सहयोग मांगा जा रहा है। इसके अलावा वन विभाग की भूमि पर भी चारे की बिजाई करवाई जा रही है। तुड़ी के भंडारण की सीमा भी निर्धारित की गई है। जिससे तुड़ी संकट को कम किया जा सके। किसानों को भी हरे चारे की बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिससे जिले में पशु चारा संकट को कम किया जा सके। जिला प्रशासन ने नियमानुसार तीन वर्ष पूर्ण नहीं करने वाली गोशाला को भी अनुदान जारी करने को लेकर सरकार को प्रस्ताव भिजवाया है। जिससे इनको राहत मिल सके। भामाशाह भी पशुचारे की समस्या का समाधान करने के लिए आर्थिक सहयोग दे रहे है।

.....वर्जन....
तुड़ी संकट के बीच किसानों से हम लगातार समझाइश कर रहे हैं। पशु चारे की बिजाई को लेकर किसानों को प्रेरित कर रहे हैं। हमने सरकार को प्रस्ताव भिजवाया है। जिसमें पशु चारे के संकट को देखते हुए उन गोशालाओं को भी अनुदान जारी करने का सुझाव दिया है, जो अनुदान प्राप्त की पात्रता नहीं रखते। ताकि संकट के वक्त में इन गोशालाओं को मदद मिल सके।
-नथमल डिडेल, कलक्टर, हनुमानगढ़

Published on:
10 May 2022 08:13 pm
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