https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. पुलिस लाइन के पीछे संचालित बाल सम्प्रेषण गृह से बुधवार देर रात फरार हुए छह बाल अपचारी का शुक्रवार तक पता नहीं चल सका है।
हत्या, बलात्कार व नशे की तस्करी में पकड़े गए छह बाल अपचारी हनुमानगढ़ के बाल सुधार गृह से फरार
- सभी बाल अपचारी जिले के पीलीबंगा, भादरा व हनुमानगढ़ क्षेत्र के निवासी
- पुलिस जुटी जांच में, कराई नाकाबंदी, नहीं लगा सुराग
हनुमानगढ़. पुलिस लाइन के पीछे संचालित बाल सम्प्रेषण गृह से बुधवार देर रात फरार हुए छह बाल अपचारी का शुक्रवार तक पता नहीं चल सका है। पुलिस की कई टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। सभी बाल अपचार जिले के ही विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। उनको जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस ने हत्या, दुष्कर्म व एनडीपीएस के मामलों में निरुद्ध कर किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर बाल सम्प्रेषण गृह भेजा था। उनके फरार होने की सूचना मिलने पर जंक्शन पुलिस ने बुधवार रात को ही नाकाबंदी कर तलाश शुरू की। साथ ही अन्य थानों में भी सूचना दी गई। मगर गुरुवार शाम तक उनका पता नहीं चल सका था। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीम जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाल सम्प्रेषण गृह में बाल अपचारियों ने बाथरूम के पास लगी खिड़की की ग्रिल को लोहे की आरी से काटा। इसके बाद छह बाल अपचारी रात करीब एक बजे बाल सम्प्रेषण गृह के पीछे रखी सीढ़ी के सहारे दीवार पर चढ़कर पुलिस लाइन में कूद भाग गए। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद बाल सम्प्रेषण गृह के कर्मचारियों को उनके फरार होने का पता चला तो हड़कम्प मच गया। तत्काल इसकी सूचना जंक्शन थाने में दी गई। डीएसपी अन्तरसिंह श्योराण, जंक्शन थाना प्रभारी नरेश गेरा, सुरेशिया चौकी प्रभारी एसआई बिशन सहाय, एसआई लालचन्द सोखल आदि मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। इलाके में नाकाबंदी करवाई गई। बाल अपचारियों के घरों में भी दबिश दी गई। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें छह बाल अपचारी भागते हुए नजर आए। फरार हुए बाल अपचारियों में एक हत्या, दो एनडीपीएस व तीन जने दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध किए गए थे। उनमें तीन पीलीबंगा, एक भादरा, एक लखूवाली व एक हनुमानगढ़ टाउन क्षेत्र का निवासी है।
कार्मिकों की लापरवाही
बाल सम्प्रेषण गृह में इन दिनों रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा है। इस कारण सीढ़ी, लोहा काटने की आरी सहित अन्य सामान मंगवाया गया था। इसका फायदा उठा बाल अपचारियों ने लोहे की आरी से खिड़की के ऊपरी हिस्से की ग्रिल काटी। फिर सीढ़ी के सहारे दीवार पर चढ़ फरार हो गए। सभी बाल अपचारी पुलिस लाइन से होते हुए भागे। मगर किसी को भनक नहीं लगी। इस घटना में बाल सम्प्रेषण गृह के कर्मचारियों की भी लापरवाही रही है। क्योंकि लोहे की ग्रिल को काटने में समय तो लगता ही है। इसके बावजूद ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने सार-संभाल नहीं की। ग्रिल काटने की आवाज भी किसी ने नहीं सुनी।