हनुमानगढ़

कोरोना योद्धा की जगह कोई और लगवा गया टीका, टीकाकरण केन्द्र से लौटा बैरंग, दूसरी डोज के लिए आना

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. कोरोना योद्धा की जगह कोई दूसरा ही कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगवा गया। जब कोरोना योद्धा टीकाकरण कराने अस्पताल पहुंचा तो उसे यह कहकर बैरंग लौटा दिया गया कि आपका टीकाकरण हो चुका है।

2 min read
कोरोना योद्धा की जगह कोई और लगवा गया टीका, टीकाकरण केन्द्र से लौटा बैरंग, दूसरी डोज के लिए आना

कोरोना योद्धा की जगह कोई और लगवा गया टीका, टीकाकरण केन्द्र से लौटा बैरंग, दूसरी डोज के लिए आना
- हनुमानगढ़ के एसडीआरफ कार्मिक के मोबाइल फोन पर बिना टीका लगाए आया मैसेज एवं प्रमाण पत्र
- अब दुविधा यह कि पहली डोज लिए बिना ही कैसे ले दूसरी डोज
हनुमानगढ़. कोरोना योद्धा की जगह कोई दूसरा ही कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगवा गया। जब कोरोना योद्धा टीकाकरण कराने अस्पताल पहुंचा तो उसे यह कहकर बैरंग लौटा दिया गया कि आपका टीकाकरण हो चुका है। अगले महीने दूसरी डोज लगवाने आ जाना। अब कोरोना योद्धा की दुविधा यह है कि पहली डोज लिए बगैर ही दूसरी डोज कैसे ले। कहीं कोई दिक्कत ना हो जाए। हालांकि चिकित्सा विभाग का दावा है कि आईडी वगैरह जांच कर ही टीकाकरण किया जाता है। पूरी प्रक्रिया दस्तावेज आधारित एवं ऑनलाइन है। ऐसे में संभव नहीं है कि कोई और टीका लगवा जाए। शिकायत मिलने पर जांच की बात कही गई है।
हनुमानगढ़ के डबलीराठान निवासी रमेश कुमार पुत्र जीवनराम के साथ यह मामला पेश आया है। वह सिविल डिफेंस एवं रेसक्यू फोर्स के नियंत्रण कक्ष में संविदा पर कार्यरत है। कोरोना संक्रमणकाल में बतौर कोरोना योद्धा ड्यूटी की है। उसके मोबाइल फोन पर कोविड-19 की वैक्सीन लगने का संदेश आ चुका है। संबंधित वेबसाइट से टीकाकरण होने का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध हो चुका है। मगर असल में उसका टीकाकरण अब तक नहीं हुआ है। इसके कारण वह पशोपेश में है।
यूं लगा ऑनलाइन टीका
नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन दल के कार्मिक रमेश कुमार ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर कोविड-19 टीकाकरण को लेकर संदेश आया। इसमें लिखा था कि आठ व नौ फरवरी को टीकाकरण होगा। मगर आठ फरवरी को आवश्यक कारणों के चलते टीकाकरण के लिए नहीं जा सका। जब नौ फरवरी को गया तो कहा गया कि आप अब दोबारा नम्बर आने पर आना। इसके बाद शुक्रवार को कैनाल कॉलोनी राजकीय अस्पताल में स्थापित केन्द्र पर टीका लगवाने पहुंचा। क्योंकि सुना था कि जिनका टीकाकरण शेष है, उनको अब अंतिम मौका है। टीकाकरण केन्द्र पर नम्बर आने पर जब आईडी वगैरह दी तो चिकित्सकों ने कम्प्यूटर में रिकॉर्ड जांच कर कहा कि आपका टीकाकरण हो चुका है। अत: अब अगले महीने दूसरी डोज के लिए आना।
संदेश समझा नहीं
रमेश कुमार ने बताया कि जब चिकित्सकों ने मना किया तो उसने मोबाइल पर आए टीकाकरण संबंधी मैसेज जांचे। पता लगा कि नौ फरवरी को उसके पास कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज का टीका लग जाने का संदेश आ गया था। मगर अंग्रेजी में होने के कारण वह सही ढंग से समझ नहीं सका। मैसेज में दिए गए लिंक से टीकाकरण होने के संबंध में प्रमाण पत्र भी डाउनलोड कर लिया है। अब मार्च के दूसरे सप्ताह में दूसरी डोज लगनी है। मगर पहली कौन लगा गया, यह पता ही नहीं है।
संभव नहीं, दस्तावेज आधारित,
कोविड-19 वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं दस्तावेज आधारित है। टीकाकरण से पहले दस्तावेज वगैरह जांचे जाते हैं। ऐसे में संभव नहीं कि किसी की जगह कोई दूसरा टीका लगवा ले। अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा कुछ है तो जांच करवाएंगे।
- डॉ. नवनीत शर्मा, सीएमएचओ।

Published on:
19 Feb 2021 10:12 pm
Also Read
View All