हनुमानगढ़. शिक्षा मंत्री भले ही सरकारी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम सुधार में शिक्षकों का खास योगदान नहीं माने। मगर हालात यह हैं कि शिक्षण व्यवस्था तो छोडि़ए प्रशासनिक व्यवस्था तक बिना शिक्षकों के ढंग से नहीं चल सकती।
महामारी संकट में निदेशालय की ऑनलाइन अनुमति बगैर कार्य व्यवस्था में शिक्षक
- डीईओ प्रारंभिक तथा माध्यमिक एक माह तक कार्य में लगाने को अधिकृत
- जिला प्रशासन ने निदेशालय से वार्ता कर हासिल की प्रक्रिया में शिथिलता
हनुमानगढ़. शिक्षा मंत्री भले ही सरकारी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम सुधार में शिक्षकों का खास योगदान नहीं माने। मगर हालात यह हैं कि शिक्षण व्यवस्था तो छोडि़ए प्रशासनिक व्यवस्था तक बिना शिक्षकों के ढंग से नहीं चल सकती। गत वर्ष की तरह अब फिर कोरोना संक्रमण बढऩे पर शिक्षकों से विभिन्न कार्य सम्पादित कराए जा रहे हैं। सरकारी तंत्र को शिक्षकों की इतनी ज्यादा जरूरत है कि महामारी संकट में उनकी उपलब्धता के लिए कार्य व्यवस्था में लगाने संबंधी प्रक्रिया में शिथिलता की स्वीकृति भी हासिल कर ली गई है।
इसके आधार पर अब माध्यमिक तथा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ऑनलाइन स्वीकृति के बिना ही संबंधित डीईओ शिक्षकों को कार्य व्यवस्था में लगाने का आदेश जारी कर सकते हैं। इसके लिए अब शाला दर्पण पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया की पालना करने की जरूरत नहीं होगी। इस संबंध में जिला प्रशासन ने दूरभाष पर निदेशालय से स्वीकृति प्राप्त कर ली है। इसके आधार पर डीईओ माध्यमिक तथा प्रारंभिक ने सभी सीबीईओ एवं पीईईओ को शिक्षकों को कार्य मुक्त करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पड़ी जरूरत तो यह जवाब
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण बढऩे के दृष्टिगत गृह विभाग तथा चिकित्सा विभाग ने जो गाइडलाइन एवं आदेश जारी किए हैं, उनकी पालना के लिए कार्मिकों की जरूरत पड़ रही है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थापित चौकी, वैक्सीनेशन कार्य, सहयोगी दल का गठन करने, विभिन्न प्रकार के नियंत्रण कक्ष स्थापित करने आदि कार्यों के लिए संबंधित विभाग के कार्मिकों के साथ-साथ अध्यापकों की भी आवश्यकता है। मगर अध्यापकों को कार्य व्यवस्था के आधार पर लगाने के आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक से ऑनलाइन अनुमोदन के बाद किए जाते हैं। गत दिनों जिला प्रशासन ने डीईओ माध्यमिक तथा प्रारंभिक मुख्यालय से शिक्षकों को कार्य व्यवस्था में लगाने के संबंध में नियुक्ति आदेश जारी करने को कहा था। तब डीईओ ने जवाब दिया था कि कार्य व्यवस्था संबंधी प्रक्रिया शाला दर्पण पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक से ऑनलाइन अनुमोदन के बाद ही होती है।
अब किया अधिकृत
इसके बाद जिला प्रशासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर से दूरभाष पर वार्ता कर ऑनलाइन कार्य व्यवस्था के संबंध में शिथिलता प्राप्त की। इसके आधार पर किसी भी अध्यापक को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कार्य व्यवस्था में लगाने के लिए डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय तथा माध्यमिक मुख्यालय अधिकृत है। आदेश के एक माह तक संबंधित शिक्षक कार्य व्यवस्था में लगे रहेंगे। इसके बाद आवश्यकतानुसार दोबारा आदेश जारी करने होंगे।