जरुरतमंदों का सपना होगा पूरा, रियायती दर पर मिलेगा भूखंड- टाउन व जंक्शन में करीब ११०० फार्म हुए जमा, लॉटरी के माध्यम से होगा आवंटन- नगर परिषद ने ११ अगस्त तक मांगे आवेदन
हनुमानगढ़. जल्द ही १८७ जरुरतमंदों लोगों के आशियाना का सपना पूरा होगा। इसके लिए नगर परिषद ने आवासीय योजना के आवेदन मांगे हुए हैं। जानकारी के अनुसार टाउन व जंक्शन में करीब ११०० फार्म जमा हो चुके हैं। इस योजना के तहत जंक्शन स्थित उपकार्यालय के पास स्थित १८७ जनों को भूखंडों का आवंटन नगर परिषद लॉटरी के माध्यम से करेगी। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि ११ अगस्त है। भूखंडों का आवंटन दो क्षेणी में होगा। पहली ईडब्ल्यूएस ( आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) व दूसरी क्षेणी एलआईजी (निम्न आय वर्ग) होगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की वार्षिक आय तीन लाख रुपए से कम होनी चाहिए व निम्न रूप से कमजोर वर्ग की आय ३ से ६ लाख रुपए होनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की श्रेणी वाले लोगों को लॉटरी के माध्यम से ४५ स्कवेयर मीटर तक के १०४ भूखंड लॉटरी के माध्यम से आवंटन होगा। इसके लिए आवंटनधारी को रिजर्व प्राइस का ५० प्रतिशत जमा करवाना होगा। ६५०० रुपए रजिस्ट्रशन फीस देनी होगी। वहीं निम्न रूप से कमजोर वर्ग को लॉटरी के माध्यम से ८३ भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। ४६ से ७५ स्केयर मीटर तक का भूखंड होगा। आवंटनधारी को रिजर्व प्राइस का ८० प्रतिशत देना होगा। इसके लिए रजिस्ट्रशन फीस १७००० रुपए देनी होगी। लॉटरी नहीं निकलने पर यह राशि वापस लौटाई जाएगी। लॉटरी की प्रक्रिया में हिस्सा लेेने के लिए आवेदन फार्म भरना होगा। इसका शुल्क एक हजार रूपए निर्धारित किया गया है।
आरक्षित दर 2800 रुपए प्रति वर्गगज
भूखण्डों की कीमत आवेदक की प्रमाणित सकल आय पर निर्भर है। आवेदकों के आय वर्ग निर्धारण के लिए आय की संगणना आवेदक की कुल वार्षिक आय को सम्मलित कर की जाएगी। स्वयं के लिए वेतन, विशेष वेतन, महंगाई भत्ता, शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता, गृह, सम्पत्ति व्यापार से आय, विनियोग से व्याज और कोई अन्य जो आयकर के प्रयोजनों हेतु आय के रूप में सम्मिलित करने योग्य हो।
यह होनी चाहिए पात्रता
आवेदनकर्ता राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक की आयु आवेदन की तिथि को 18 वर्ष या अधिक होना अनिवार्य है। आवेदक का स्वयं एवं उसकी / उसके पत्नी / पति अथवा किसी आश्रित के पास राजस्थान के किसी भी नगरीय क्षेत्र (जिसकी आबादी 1,00,000 से अधिक हो) में कोई आवासीय भूखण्ड / मकान लीज होल्ड/फ्री होल्ड पर) नहीं होना चाहिए। आवेदक के नाम से गत 10 वर्ष में कोई मकान / भूखण्ड रियायती दर पर आवंटित नहीं हुआ हो। आवंटित भूखण्ड का 10 वर्ष की अवधि तक विक्रय अथवा स्थानान्तरण नहीं किया जा सकेगा, किन्तु यदि कोई व्यक्ति भूखण्ड को 5 वर्ष के पश्चात व 10 वर्ष पूर्व विक्रय करना चाहता है तो ऐसे विक्रय के लिए उसे योजना की प्रचलित आरक्षित दर की पांच प्रतिशत की दर से शुल्क वसूल कर नियमानुसार किये गये विक्रय पत्र अथवा दस्तावेज के आधार पर हस्तान्तरण की अनुमति दी जाएगी।
पहले १६२ भूखंड का किया था आवंटन
सबसे पहले नगर परिषद जंक्शन स्थित शिव मंदिर के पास आवासीय योजना लेकर आई थी। इस योजना के तहत १६२ भूखंडों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया गया था। इन सभी भूखंडों का साइज २५ गुणा ४९ था। आवंटनधारी से रिजर्व प्राइस के आधार पर राशि जमा करवाई गई थी।
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