हनुमानगढ़. टाउन बस स्टैंड स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा से करीब पौने तीन करोड़ रुपए के सोने एवं नकदी लूट मामले का पुलिस ने शनिवार को पांचवें दिन ही खुलासा कर तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया।
मैनेजर ने फर्जीवाड़ा छिपाने को रची बैंक लूट की साजिश
- मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा से करोड़ों रुपए के सोने एवं नकदी लूट प्रकरण का पांच दिन में खुलासा
- सहायक मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार, लूट को अंजाम देने वाले दो जनों की तलाश
हनुमानगढ़. टाउन बस स्टैंड स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा से करीब पौने तीन करोड़ रुपए के सोने एवं नकदी लूट मामले का पुलिस ने शनिवार को पांचवें दिन ही खुलासा कर तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। लूट की साजिश रचने वालों में बैंक का सहायक मैनेजर ही मास्टर माइंड निकला। उसने बैंक में फर्जी आईडी एवं खाते खोलकर गोल्ड लोन उठा रखा था। इस फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए लूट की योजना बनाई। उसके अलावा दो और जनों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि लूट की वारदात को अंजाम देने में शामिल तीन में से अभी एक जने को ही गिरफ्तार किया गया है। उसके दो साथियों की पुलिस ने पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए आरोपियों के छिपने के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने शनिवार को एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने गैंग बनाकर लूट को अंजाम दिया। लूटे गए सोने एवं नकदी बरामदगी को लेकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि लूट के आरोप में बैंक के सहायक मैनेजर संजय सिंह (26) पुत्र शायरसिंह शेखावत निवासी गांव जालपाली, तहसील श्रीमाधोपुर जिला सीकर, मदन सोनी पुत्र रामकिशन सोनी निवासी वार्ड आठ, थेहड़ी नाथान तथा पवन जाट (22) पुत्र सुभाषचंद्र निवासी निरवाल, तहसील रावतसर को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पवन जाट बैंक में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वालों में शामिल था। जबकि मदन सोनी तथा संजय सिंह वारदात के मास्टर माइंड हैं। इस संबंध में ब्रांच मैनेजर भावना पुत्री मूलचन्द मेघवाल निवासी वार्ड 13, रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उसने पुलिस को बताया था कि अज्ञात लुटेरे सेफ से 6 किलो 136.87 ग्राम वजनी सोने के 290 पैकेट व 1 लाख 7951 रुपए लूटकर ले गए। लूटे गए सोने की कीमत करीब पौने तीन करोड़ रुपए बताई गई।
होटल में ठहरे, फुटेज से पकड़ में
एसपी प्रीति जैन ने बताया कि वारदात स्थल, होटल आदि की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर संदिग्ध मदन सोनी पुत्र रामकिशन सोनी को दस्तयाब कर कड़ी पूछताछ की तो उसने बैंक के सहायक मैनेजर संजयसिंह शेखावत के सहयोग से वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। आरोपी संजय सिंह ने बैंक में अपने कार्यकाल के दौरान लोगों की फर्जी आईडी से खाते खोलकर गोल्ड लोन उठा रखा था। इस गड़बड़झाले को दबाने के लिए उसने मदन सोनी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। इसके लिए गैंग तैयार की गई। लूट में इस्तेमाल के लिए हनुमानगढ़ जंक्शन से मोटर साइकिल खरीदी गई।
इनकी रही विशेष भूमिका
जिले की बड़ी लूट में शुमार इस प्रकरण का खुलासा करने में हैड कांस्टेबल राजकुमार, हैड कांस्टेबल नरेश कुमार, हैड कांस्टेबल पुरुषोत्तम पचार एवं कांस्टेबल राकेश कुमार की विशेष भूमिका रही। पुलिस जांच दल में टाउन थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह शेखावत, एसआई पूर्ण सिंह, एसआई नवदीप सिंह, कांस्टेबल सुरेश कुमार एवं कांस्टेबल धर्मपाल भी शामिल रहे।
क्या था घटनाक्रम
गौरतलब है कि 15 मार्च की दोपहर दो अज्ञात जनों ने बैंक के चैनल गेट पर लगी घंटी बजाई। मोबाइल फोन पर बात करते आए बैंक कर्मचारी ने गेट खोला तथा उनको भीतर प्रवेश दे दिया। इसके बाद गेट पर पुन: ताला लगा दिया। दोनों में से एक जने ने बैंक कर्मचारियों पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी। फिर बैंक कर्मचारी से लॉकर खुलवा कर उसमें रखी नकदी तथा सोना दूसरे बदमाश ने साथ लाए बैग में डाल लिया। चार मिनट में वारदात को अंजाम देकर बाहर चले गए। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया कि भीतर घुसे बदमाशों ने पहले बैंक शाखा के पास खड़े ट्रक के पास अपनी बाइक खड़ी की। फिर बैंक में घुसे। सीसीटीवी फुटेज में एक और संदिग्ध नजर आया जो बाइक पर बैंक के बाहर के हालात पर नजर रखे हुए था। इस प्रकार लुटेरों की संख्या तीन बताई गई। नकदी और सोने के साथ अज्ञात लुटेरे बैंक कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए थे। वारदात के समय बैंक में तीन कर्मचारी मौजूद थे।
कर ली पहचान
जिले की अब तक की सबसे बड़ी लूट का अल्प अवधि में खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश एवं लूटी गई रकम तथा सोने की बरामदगी को लेकर पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। गैंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया। इसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। - प्रीति जैन, जिला पुलिस अधीक्षक।