
-प्राइवेट में फसल बेचने से किसानों को हो रहा नुकसान
हनुमानगढ़. जिले में फसलों की सरकारी खरीद में नियमों के इतने बंधन लगा दिए गए हैं कि किसान फसल ही नहीं बेच पा रहे हैं। ऑनलाइन पंजीयन के बाद ऑनलाइन गिरदावरी में पी-35 दर्ज करवाने की शर्त की वजह से कई किसान फसल नहीं बेच पा रहे हैं। स्थिति यह है कि पांच अप्रेल तक जिले में बारह हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवााया है। इसमें 1728 बैग सरसों की सरकारी खरीद की गई है। नामात्र किसानों से खरीद होने की वजह से किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों की मांग है कि खरीद नियमों में सरकार राहत दे। साथ ही 25 क्विंटल की बाध्यता को हटाकर सरकार तत्काल 40 क्विंटल खरीद की छूट दे। ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जल्द मंडियों में एमएसपी पर सरसों की खरीद सुचारू होती है तो किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। जानकारी के अनुसार जिले में दस क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के खरीद केंद्र स्वीकृत हैं। इसमें जंक्शन सब सेंटर को छोडकऱ बाकी जगह खरीद शुरू कर दी गई है। अन्य ग्राम सेवा सहकारी समितियों में खरीद हो रही है। इस बार खरीद को लेकर कुल 24 केंद्र बने हैं। परंतु खरीद की गति काफी धीमी होने से किसान परेशान हो रहे हैं।
टाउन में खरीद पर नजर
हनुमानगढ़ टाउन मंडी में पांच व छह अप्रेल को क्रमश: 181 व 196 बैग सरसों की सरकारी खरीद की गई। कुल 11 किसानों से अब तक खरीद की गई है। जबकि कई किसान कतार में हैं। नियमों की बाध्यता की वजह से उनकी फसलें नहीं तुल रही है। माना जा रहा है कि खरीद के बाद अब करीब दस दिनों में भुगतान होगा। टाउन में जहां खरीद शुरू हो गई हैं, वहीं जंक्शन मंडी में अभी खरीद का इंतजार है।
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ताकि मिले लाभ
जिले में सरसों की सरकारी खरीद को सुचारू करने के प्रयास में लगे हैं। दस क्रय विक्रय सहकारी समितियों में नौ में खरीद शुरू हो गई है। जंक्शन मंडी में भी जल्द खरीद शुरू करवाने का प्रयास है। ताकि किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके।
-मनोज कुमार मान, उप रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग हनुमानगढ़