उपखंड कार्यालय के सामने किया प्रदर्शनउपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
पीलीबंगा. गांवों से फल सब्जी व दूध आदि की शहर में सप्लाई नहीं होने को लेकर गांव बंद आंदोलन के तहत किसानों की मसरूवाला बस स्टेण्ड के पास बुधवार को भी नाकेबंदी जारी रही। किसानों ने गांवों से शहर की ओर जाने वाले वाहनों की जांच की तथा वाहनों से सब्जी व दूध आदि जब्त किया। बुधवार को मसरूवाला बस स्टेण्ड से बड़ी संख्या में किसान उपखंड कार्यालय के सामने पहुंचे यहां मध्यप्रदेश पुलिस की फायरिंग में मंदसौर में 6 जून को मारे गए शहीद किसानों को लेकर रोषप्रदर्शन किया।
यहां हुई सभा में किसानों ने केन्द्र व राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। सभा के बाद स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, किसानों के कर्जे माफ करने, 13 सितम्बर 2017 को हुआ समझोता लागू करने, वृद्ध किसानों व खेतीहर मजदूरों को पांच हजार रूपये प्रतिमाह पेंशन देने व पेट्रोलिय पदार्थो के बढे हुए दाम वापिस लेने आदि मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
नाकेबंदी स्थल पर उपलब्ध रहेगा दूध व फल सब्जी
प्रदर्शन के बाद आंदोलनरत किसान बुधवार दोपहर कृषक विश्राम गृह में एकत्रित हुए जिसमें निर्णय हुआ कि शहर के चारों तरफ नाकेबंदी की जाएगी व शहरवासियों को नाकेबंदी स्थल पर दूध व सब्जी आदि उपलब्ध करवाए जाऐंगे। जिसमें गाय का दूध 35 रूपये व भैंस का 45 रूपये प्रति लीटर मूल्य रहेगा। सब्जी वाजिब दामों में बेचने का निर्णय हुआ। गांव बंद अभियान आंदोलन के संयोजक गोपाल बिश्नोई ने बताया कि यह निर्णय शहरवासियों को हो रही परेशानियों के मददेनजर लिया गया। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था आंदोलन चलने तक जारी रहेगी।
अन्य गांवों में भी रहा असर
किसान आंदोलन के तहत माणकथेड़ी, अयालकी, लोंगवाला, चक 26 एसटीजी, रामपुरा व प्रेमपुरा आदि गांवों में भी दूध व सब्जी आदि की शहर में सप्लाई पर रोक रही। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से वाहनचालकों को दूध व सब्जी नहीं ले जाने के लिए समझाइश की।