- १८ को हड़ताल पर नहीं जाने की भरी हामी- गिरफ्तारी की खबर हुई वायरल
संगरिया. डॉक्टरों और सरकार के बीच चल रहे टकराव से यहां राजकीय चिकित्सक संभवत: दूर होते नजर आ रहे हैं। पुलिस थाने में शनिवार सुबह दस बजे चिकित्सकों से समझाईश की। जिस पर उन्होंने १८ दिसंबर से हड़ताल पर नहीं जाने की एकबारगी हामी भरी है। हुआ यूं कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे तीन चिकित्सकों को हस्पताल से जीप में बैठाकर पुलिस थाने ले गई। जिससे डॉक्टरों की गिरफ्तारी होने की अफवाह आग की तरह फैलकर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई।
दरअसल पूर्व चिकित्सा प्रभारी डॉ. अरविंद शर्मा व डॉ.बलवंत गुप्ता तथा पूर्व बीसीएमओ डॉ.नरेश गर्ग को पुलिस १८ दिसंबर को हड़ताल पर नहीं जाने व पाबंद करने के उद्देश्य से पुलिस थाने लेकर गई थी। थाना प्रभारी मोहरसिंह पूनियां ने उन्हें सौहार्दपूर्ण तरीके से मरीजों की परेशानी तथा हड़ताल करने पर कानूनी कार्रवाई के बारे में अवगत कराते हुए समझाईश की। इस पर चिकित्सकों ने मरीज हितों को देखते हुए हड़ताल में शामिल नहीं होने का उन्हें आश्वासन दिया।
पूनियां ने बताया कि चिकित्सकों के सहयोगी रवैये व उनकी बात मानकर हड़ताल पर नहीं जाने का आश्वासन देने पर उन्हें ना तो किन्हीं धाराओं में पाबंद किया और ना ही गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश स्तरीय हड़ताल दौरान जब सभी सेवारत चिकित्सक नवंबर में 7 दिनों के लिए हड़ताल पर थे तो उनके व सरकार के बीच 14 मांगों पर सहमति बनी थी। इस बीच पिछले सप्ताह सरकार ने आंदोलन में भाग लेने वाले 12 डॉक्टर नेताओं का तबादला कर दिया। जिससे रुष्ट चिकित्सक फिर से आंदोलन पर उतारू हैं।
१८ दिसंबर से हड़ताल पर जाने की उन्होंने घोषणा की हुई है। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कठोर कार्रवाई का संदेश देते हुए डॉक्टरी पेशा को अति आवश्यक सेवा अधीन आपातकालीन घोषित करते हुए कह दिया कि जो भी डॉक्टर हड़ताल पर जाएगा उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। उधर सरकार ने शुक्रवार को 560 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त करने का ऐलान किया। जिन्हें ग्रामीण इलाकों में ज्वाइनिंग के लिए भेजा पर उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। इससे सरकार व डॉक्टरों में टकराव बढ़ता दिख रहा है। पूर्व में हुई हड़ताल में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।