हनुमानगढ़

Video: आखिर क्यों नहीं टेक सकते गुरूद्वारे में माथा

- गुरुद्वारा में मत्था टेकने से रोकने का आरोप -आरोप : समर्थन मूल्य पर सरसों जौं व चना खरीदने से भाग रही सरकार..

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hanumangarh gurudwara religious fight
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संगरिया. गांव ढोलनगर स्थित गुरुद्वारा में जाने और मत्था टेकने से रोकने का आरोप गांव के कुछ विशेष जाति व समुदाय के लोगों ने लगाया है। एसपी को दी गई शिकायत में मोहल्ले के राजू सिंह, राजपाल, रमनदीप, जगपाल , तरसेमसिंह, रुपराम, इकबाल सिंह, ठानासिंह, गुरबक्ससिंह व अन्य दर्जनों लोगों का कहना है कि उनकी जाति विशेष लोगों को अन्य लोग इस धार्मिक स्थल में जाने से रोक रहे हैं। विगत १४ दिनों से गुरुद्वारा नहीं जा सके।

पूर्व में पुलिस ने आकर समझाइश की थी बावजूद इसके फिर से उन्हें रोक दिया गया है। उल्टा पुलिस ने उन्हें ही पाबंद कर दिया है। जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। पुलिस को बताया लेकिन कुछ नहीं हुआ। मालारामपुरा पुलिस चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा की चाबी ही समुदाय विशेष के व्यक्ति अजीतसिंह के पास है। उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। गुरुद्वारा में मत्था टेकने से कोई नहीं रोक रहा फिर भी मैं आज ही पूरे मामले की जांच करवाता हूं।

सरपंच रानी प्रकाश सिंकदर का कहना है कि पहले पाठी को लेकर विवाद था जो अपने घर चला गया है। अब ऐसी कोई बात उनके ध्यान में तो नहीं आई है। सिख धर्म में जांत-पांत की कोई जगह नहीं है। सर्व सांझे गुरु महाराज की शांति पूर्वक पाठ पूजा कर सभी शांति बनाए रखें यही उनकी अपील है।

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समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं तो किसान करेंगे आंदोलन

संगरिया. किसानों की फसलों को यदि समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं किया तो खेती बचाओ किसान बचाओ मोर्चा किसानों को लामबन्द कर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा । ये बात संयोजक ओम जांगू ने मंगलवार दोपहर कही। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में रबी 2017-18 में सरसों की बुवाई 80 हजार हेक्टेयर, चना 1.10 लाख एवं गेहूं 2.5 लाख हेक्टर है। न्यूनतम उत्पादन सरसों में 12 क्विं. प्रति हेक्टेयर मानें तो सरसों का उत्पादन 9.60 क्विं. होगा। जिसका समर्थन मूल्य चार हजार है।

राज्य सरकार ने प्रदेश में महज पांच अरब रुपयों का प्रावधान किया है। जिससे 12.50 लाख क्विं खरीद की जा सकेगी। जो हनुमानगढ़ जिले के लिए अपर्याप्त है। इसी तरह चना में 8 क्विं. प्रति हेक्टेयर उत्पादन मानें तो 8.80 लाख क्विं. चना होगा। इस तरह से सरकार का बजटीय प्रावधान किसानों के हितों पर कठुराघात है।

राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर सरसों जौं व चना खरीदने से भाग रही है। जिससे कर्ज तले दबे किसान को उचित मूल्य नहीं मिलने से ओर ज्यादा आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। मोर्चा किसान की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग करता है। ऐसा नहीं होने पर सरकार के खिलाफ किसानों को लामबंद कर आंदोलन करेगें ।

Published on:
13 Feb 2018 06:46 pm