- किन्नू उत्पादन बढऩे की संभावना - बागों में बहार से आय बढऩे के आसार
हनुमानगढ़. इन दिनों में बागों में बहार है। नवम्बर में बढ़ी ठंड से किन्नू उत्पादक किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उद्यान विभाग के अफसर कहते हैं कि सर्द हवा बहने से किन्नू की मिठास बढ़ेगी। गुणवत्ता अच्छी होने से दाम भी अच्छे मिलेंगे। दिसम्बर के पहले सप्ताह में किन्नू की आवक बाजार में होने की संभावना है। कई किसानों ने कंपनियों से अनुबंध कर बाग लगाए हैं। इनमें जो पैदावार होती है वह किन्नू कनाडा सहित अन्य देशों में जाता है। वहां दस-दस किलो की पैकिंग की अधिक डिमांड रहती है। बाजार को समझकर स्थानीय किसानों ने वेक्सिन प्लांट लगा लिए हैं। जिससे फसल खराब नहीं होती है।
हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर की आबोहवा में तैयार किन्नू की मांग देश ही विदेशों में भी खूब है। इसलिए खरीदार फ्रूटिंग के समय ही किसान से सौदा तय कर लेते हैं। किसानों को उपज की गारंटी मिलने से उनका भविष्य सुरक्षित हो जाता है। उद्यान विभाग हनुमानगढ़ के सहायक निदेशक ओमप्रकाश सैन के अनुसार गत वर्ष किन्नू उत्पादक किसानों को औसतन प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपए की आय हुई थी। इस वर्ष जिस तरह से फ्रूटिंग हुई है, इसके आधार पर आय सवा लाख प्रति हेक्टेयर होने की संभावना है। फल अच्छे लगने के साथ ही मार्केटिंग भी अच्छी होने से किसानों को इस बार अच्छा मुनाफा हो सकता है।
सैन कहते हैं कि किसानों को इस ओर प्रोत्साहित करने के लिए विभाग किन्नू उत्पादक किसानों को 20 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अनुदान भी देता है। अधिकतम चार हेक्टेयर पर अनुदान देने की योजना है। छह रुपए अधिक रेट हनुमानगढ़ जिले में १९१९.६३ हेक्टेयर में किन्नू के बाग लगे हैं। गत वर्ष औसतन ४४ एमटी प्रति हेक्टेयर किन्नू उत्पादन हुआ था। इस वर्ष पांच से सात प्रतिशत अधिक उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। साथ ही गुणवत्ता अच्छी होने से किसानों को रेट भी अच्छे मिलने की संभावना है।
किन्नू उत्पादक किसान दुष्यंत बेनीवाल के अनुसार अभी तक 21 रुपए प्रति किलो के भाव लग चुके हैं, जबकि बाजार में आवक शुरू नहीं हुई। करीब ९५ बीघे में किन्नू के बाग लगाने वाले दुष्यंत का कहना है कि बाजार में आते-आते रेट और बढऩे के आसार हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष किन्नू के अधिकतम भाव १५ रुपए प्रति किलो तक ही लगे थे। बागों में बहार इन दिनों जिले के किन्नू व अमरूदों के बाग में बहार है।
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