हनुमानगढ़

मिस्त्री ने नाबालिग की बना ली नहाते समय वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार

हनुमानगढ़. घर में मार्बल लगाने आए मिस्त्री ने 15 वर्षीय लड़की की छिपकर नहाते समय वीडियो बना ली। फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार किया। रुपए की मांग की। बहलाकर अपने साथ ले गया तथा कई शहरों में ले जाकर दुष्कर्म किया।

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मिस्त्री ने नाबालिग की बना ली नहाते समय वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार

मिस्त्री ने नाबालिग की बना ली नहाते समय वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार
- नाबालिग का वीडियो बनाकर बलात्कार के दोषी युवक को दस साल की सजा
- अप्रेल 2016 का रावतसर थाना क्षेत्र का मामला
- विशिष्ट न्यायालय पोक्सो ने सुनाई सजा
हनुमानगढ़. घर में मार्बल लगाने आए मिस्त्री ने 15 वर्षीय लड़की की छिपकर नहाते समय वीडियो बना ली। फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार किया। रुपए की मांग की। बहलाकर अपने साथ ले गया तथा कई शहरों में ले जाकर दुष्कर्म किया। रावतसर थाना क्षेत्र के इस प्रकरण में विशिष्ट न्यायाधीश मदनगोपाल आर्य ने एक जने को दोषी करार दिया। न्यायालय ने गुरुवार को दोषी युवक को दस साल कारावास तथा एक लाख बीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 20 अप्रेल 2016 को 15 वर्षीय पीडि़ता के पिता ने रावतसर थाने में रिपोर्ट दी थी कि आरोपी संदीप उर्फ सेठी (24) पुत्र निवासी चक 10 डीडब्ल्यूएम, रावतसर उसके घर पर वर्ष 2015 में मार्बल लगाने आया था। एक दिन घर वाले रिश्तेदारी में गए हुए थे तथा 15 वर्षीय पुत्री अकेली थी। आरोपी ने छिपकर उसकी पुत्री की नहाती हुई की वीडियो बना ली। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पुत्री से बलात्कार किया। पीडि़ता को वीडियो देने के बदले रुपए की मांग भी करने लगा। इससे पीडि़ता घबरा गई। पिता की फसल बेचकर घर लाई गई रकम में से 95 हजार रुपए पीडि़ता ने आरोपी युवक को दे दिए। इसके बावजूद आरोपी ने नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया तथा उसे अमृतसर ले गया। इसके बाद हरिद्वार तथा दिल्ली ले गया। आरोपी ने सभी जगहों पर उससे बलात्कार किया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। मामले की जांच कर चालान पेश किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने बताया कि कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाह पेश किए तथा 49 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उसे 376(2)(1) आई व 5 (एल) (बी) पोक्सो एक्ट में 10 साल कारावास की सजा सुनाई तथा 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा आईपीसी की धारा 363 में तीन वर्ष, 366 में सात, 368 में तीन, 384 में तीन एवं 450 में तीन वर्ष की सजा सुनाई। कुल जुर्माना एक लाख बीस हजार रुपए लगाया है।

Published on:
25 Mar 2022 09:20 am
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