हनुमानगढ़. वर्तमान में मौसम के बिगडऩे की वजह से कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वह कटी हुई फसल को सुरक्षित रखे। तिरपाल आदि से ढकक़र फसल को रखने पर नुकसान नहीं होगा। वहीं एक अप्रेल से जिले में सरसों व चने की फसल की सरकारी खरीद संभावित है।
-आंधी व बारिश की सूचना पर कृषि विभाग ने किसानों ने किया सतर्क
-एक अप्रेल से सरसों व चने की सरकारी खरीद संभावित
हनुमानगढ़. वर्तमान में मौसम के बिगडऩे की वजह से कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वह कटी हुई फसल को सुरक्षित रखे। तिरपाल आदि से ढकक़र फसल को रखने पर नुकसान नहीं होगा। वहीं एक अप्रेल से जिले में सरसों व चने की फसल की सरकारी खरीद संभावित है। ऐसे में किसान फसल कटाई में लगे हुए हैं। कृषि विभाग हनुमानगढ़ के सहायक निदेशक बीआर बाकोलिया के अनुसार जिले में बादलवाही, बूंदाबांदी व बरसात का मौसम बना हुआ है। इससे खलिहान में कटी पड़ी सरसों, चना की फसल में नमी के चलते थ्रेसिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। इन परिस्थितियों में फसल के दानों में फंगस पनपने व दाना बदरंग होनें का अंदेशा रहता है। मौसम विभाग द्वारा आगामी दो दिनों तक बरसात/तूफान आदि का पूर्वानुमान घोषित है। अत: सभी से अपील है कि तीस मार्च तक फसल कटाई कार्य स्थगित रखें। यदि फसल कटाई अति आवश्यक हो तो कटाई के साथ-साथ फसल को सुरक्षित एकत्रित कर ढकक़र रखें। इससे किसी भी प्रकार के फसल नुकसान से बचा जा सकेगा। धूप निकलते ही,जैसे ही फसल में नमी कम हो, थ्रेसिंग का कार्य शीघ्रता से करने की सलाह दी है। फसल को निकालते ही प्लास्टिक बैगस आदि में नहीं डालने की सलाह दी है। क्योंकि नमी के कारण दानों में ढेले बन सकते हैं। इसलिए ताजा ऊपज को साफ,हवादार व नमी मुक्त मकान में रखें। फिर कुछ दिन बाद बैग्स या बोरियों में भर कर भंडारित या बाजार में विक्रय के लिए लेकर जाएं। सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंडियों में हो रही आवक के बीच इस समय सरसों का बाजार भाव काफी नीचे जा रहा है। किसान अभी सरसों को प्राइवेट स्तर पर 4900 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इस स्थिति में किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
इतने आवेदन हुए अब तक
सरसों व चने की सरकारी खरीद को लेकर अभी ऑनलाइन पंजीयन का कार्य चल रहा है। इसके तहत हनुमानगढ़ जिले में 28 मार्च 2024 तक सरसों उत्पादक 2076 तथा चना उत्पादक 34 किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह श्रीगंगानगर जिले में क्रमश: 2006 तथा 111 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। एक अप्रेल से एमएसपी पर खरीद शुरू होगी। इसके लिए हनुमानगढ़ जिले में 14 खरीद केंद्र बनाए गए हैं।