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राजस्थान में यहां सर्फ, केमिकल और रिफाइंड तेल से बन रहा था दूध, स्वास्थ्य विभाग ने सील की फैक्ट्री

Hanumangrah News: हनुमानगढ़ के भुरनपुरा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारकर नकली दूध बनाने की मिनी फैक्ट्री को सील किया है। मिक्सी में केमिकल, सर्फ और रिफाइंड घोलकर जहरीला सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा था। मौके से 100 लीटर खतरनाक केमिकल नष्ट किया गया। पढ़े पूरी रिपोर्ट।
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हनुमानगढ़

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Jayant Sharma

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Updated: 21 May 2026, 11:35 AM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर - पत्रिका नेटवर्क

प्रतीकात्मक तस्वीर - पत्रिका नेटवर्क

Fake Milk Factory Sealed: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। जिले की टिब्बी तहसील के भुरनपुरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली और सिंथेटिक दूध बनाने की एक मिनी फैक्ट्री को सील कर दिया है। यहाँ बेहद खतरनाक केमिकल, सर्फ (वाशिंग पाउडर) और रिफाइंड ऑयल को मिलाकर कृत्रिम दूध तैयार किया जा रहा था।

मिक्सी की सहायता से घर के कमरे में बन रहा था जहर

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवनीत शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की टीम को भुरनपुरा गांव में नकली दूध बनाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर टीम ने मांगीलाल पुत्र मंजीत सिंह के घर पर अचानक दबिश दी। जब टीम घर के भीतर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। घर के एक कमरे में दिनेश सिद्ध पुत्र मांगीलाल मिक्सी की सहायता से कृत्रिम (सिंथेटिक) दूध तैयार कर रहा था।

भारी मात्रा में केमिकल और रिफाइंड बरामद, गड्ढा खुदवाकर किया नष्ट

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से भारी मात्रा में मिलावट की सामग्री बरामद की है। छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 100 लीटर खतरनाक सोरबिटोल केमिकल, 10 लीटर रिफाइंड ऑयल और 50 लीटर तैयार किया हुआ सिंथेटिक दूध बरामद किया। इस नकली दूध की गंभीरता और खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही तुरंत गड्ढा खुदवाया और बरामद किए गए पूरे सिंथेटिक दूध और केमिकल को मिट्टी में दबाकर नष्ट करवा दिया।

जांच के लिए बीकानेर लैब भेजे गए सैंपल

डॉ. नवनीत शर्मा के अनुसार, मौके पर दो बाल्टियों में रखे दूध के सिंथेटिक होने की पूरी आशंका थी, जिसके बाद टीम ने दूध के दो नमूने (सैंपल्स) लिए हैं। इन नमूनों को गहन जांच के लिए बीकानेर की जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला (लैब) में भिजवाया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने अलर्ट मोड पर आते हुए क्षेत्र की अन्य दुकानों से भी दूध के सैंपल लिए हैं ताकि मिलावटखोरों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।

प्रशासन की जनता से अपील

इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी नागरिक को अपने आस-पास किसी भी प्रकार की मिलावट, नकली दूध या मावा बनाने के काले कारोबार की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना जिला कंट्रोल रूम पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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