
हनुमानगढ़ में दोषी युवक को सजा सुनाए जाने के बाद ले जाता पुलिसकर्मी। फोटो: पत्रिका
हनुमागढ़। राजस्थान के हनुमागढ़ जिले में नाबालिग का अपहरण और बलात्कार के मामले में कोर्ट ने दोषी को 20 साल कारावास की सजाई सुनाई। साथ ही दोषी पर कुल एक लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया जो अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो प्रकरण प्रथम ने शुक्रवार को 5 साल पुराने मामले में यह फैसला सुनाया।
आरोप है कि दोषी युवक ने नाबालिग को 2 महीने तक लुधियाना में बंधक बनाकर रखा था, जहां पर आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ बलात्कार किया था। इस मामले में राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सम्पतलाल गुप्ता ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 21 मार्च 2021 को टाउन पुलिस थाने में पीड़िता की मां ने बेटी की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। साथ ही एक युवक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया था। महिला ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है। वह घर से गायब है। उसके शैक्षणिक दस्तावेज भी नहीं मिल रहे हैं।
महिला ने लगाया कि रिषी कुमार उर्फ हरीश पुत्र भानीराम निवासी चक 44 एसएसडब्ल्यू बहलोलनगर उसकी पुत्री को बहलाकर कहीं ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। करीब दो माह बाद पुलिस ने किशोरी को लुधियाना से दस्तयाब कर आरोपी रिषी उर्फ हरीश को गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने बाजार ले जाने के बहाने उसे बाइक पर बिठाया और जबरन लुधियाना ले गया। वहां उसे करीब दो माह तक बंधक बनाकर रखा और कई बार बलात्कार किया। इस दौरान लड़की ने कई बार आरोपी के चंगुल से निकलने की कोशिश की। लेकिन, हर बार नाकाम रही। आरोपी ने लड़की को धमकाया कि अगर वह भागने की कोशिश करेगी या कभी घरवालों को इस बारे में बताया तो उसे जान से मार देगा। ऐसे में वह काफी डरी रही। दहशत के साए में उसने दिन काटे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आईपीसी की धारा 363 में तीन साल, 366 में पांच साल एवं पोक्सो एक्ट की धारा 5 (एल)/ 6 तथा 3/4(2) में 20-20 साल की सजा सुनाई। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह परीक्षित कराए तथा 30 दस्तावेज प्रदर्शित कराए।
Published on:
15 May 2026 01:50 pm
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