हापुड़

उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद गढ़ और ब्रजघाट में हाई अलर्ट, खाली कराए गंगा घाट

Highlights - उत्तराखंड के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से आई जलप्रलय ने मचाई भारी तबाही - ब्रजघाट और गढ़मुक्तेश्वर में हाई अलर्ट जारी - गंगा से सटे गांवों में मुुनादी कराने के निर्देश

2 min read
Feb 08, 2021
hapur.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
हापुड. उत्तराखंड के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से आई जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है। इसे देखते हुए यूपी के गंगा किनारे बसे गांवों के साथ ही ब्रजघाट और गढ़मुक्तेश्वर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने ब्रजघाट और गढ़ में घाटों को खाली करवा दिया है। इसके साथ ही दुकानों और पंडों को हटा दिया गया है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांवों में भी मुनादी कराने के आदेश दिए गए हैं।

जोशीमठ में ग्लेशियर फटने के बाद अब गढ़ गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अदिति सिंह ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आलाधिकारियों की टीम ने गढ़ और ब्रजघाट पहुंचकर घाटों को खाली करवा दिया है। घाटों से फूल-प्रसाद की दुकानों के साथ ही पंडों को भी हटा दिया गया है।

आज दोपहर बाद बढ़ सकता है जलस्तर

गंगा किनारे के बाढ़ प्रभावित गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके लिए ग्राम सचिव और लेखपालों को मुनादी और चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अब गंगा किनारे के गांवों में मुनादी कराकर झोपड़ी आदि को हटवाया जाएगा। लोगों को सोमवार से गंगा में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार दोपहर बाद गढ़मुक्तेश्वर में गंगा का जलस्तर तेेजी से बढ़ जाएगा।

एनडीआरएफ भी अलर्ट मोड पर

गढ़ और ब्रजघाट के साथ गंगा से सटे गांवों में आपात स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ गाजियाबाद और मुरादाबाद से संपर्क साध लिया है। बताया जा रहा है कि एनडीआरएफ की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। आपातकाल की स्थिति में मात्र एक घंटे में एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लेंगी।

Published on:
08 Feb 2021 10:26 am