
नरेंद्र अग्रवाल लूटकांड में 5 आरोपी गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)
Hapur Crime News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुलिस ने नामी उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के घर हुई सनसनीखेज डकैती का खुलासा कर दिया है। इस पूरी लूटकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि यूपी पुलिस का ही एक निलंबित सिपाही निकला। पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद निलंबित कांस्टेबल समेत 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस एनकाउंटर में दो बदमाशों को गोली भी लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हापुड़ के गौशाला और श्रीचंडी मंदिर के पूर्व प्रधान व उद्योगपति नरेन्द्र अग्रवाल के घर कुछ दिनों पहले बदमाशों ने 'बंदूक की नोक' पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मच गया था। पुलिस के आला अधिकारियों ने जल्द से जल्द इस लूटकांड का पर्दाफाश करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस की कई टीमें लगातार बदमाशों की तलाश में के लिए छापेमारी कर रही थीं।
पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि लूट को अंजाम देने वाले शातिर बदमाश इलाके में ही कहीं छिपे हुए हैं। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस पुलिस एनकाउंटर में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिसके बाद वे वहीं गिर पड़े। पुलिस ने मौके से कुल पांच लुटेरों को धर दबोचा और उनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस उस समय सन्न रह गई, जब पता चला कि इस पूरी डकैती की साजिश रचने वाला मुख्य सरगना UP पुलिस का ही एक सस्पेंड सिपाही है। पता चला कि निलंबित होने के बाद इस सिपाही ने अपराध का रास्ता चुन लिया और शातिर बदमाशों का एक बड़ा गैंग बना लिया। पुलिस की कार्यप्रणाली और दांव-पेंच जानने के कारण वह बड़ी ही चालाकी से इन वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस अब इस गैंग के अन्य नेटवर्क और पुरानी आपराधिक वारदातों की भी गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
बता दें 31 मई की देर रात हथियारबंद बदमाशों ने कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल के घर में घुसकर उनके परिवार को बंधक बना लिया था। बदमाशों ने घर में रखी नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। डकैत लगभग दो करोड़ रुपये का सामान लेकर फरार हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बहुत ही आसानी से मौके से निकल गए, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। पुलिस के आला अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई स्पेशल टीमें लगाई हुई थीं।
Updated on:
8 Jun 2026, 10:46 PM IST
Published on:
8 Jun 2026, 10:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.