
शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में नया अपडेट (फोटो-पत्रिका)
Chandranath Rath Murder Case Ballia Connection: पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के तार अब उत्तर प्रदेश के बलिया जिले तक जुड़ गए हैं। CBI ने इस हाई प्रोफाइल मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें से 4 आरोपी बलिया के रहने वाले हैं। बलिया के 4 अलग-अलग गांवों के रहने वाले इन युवकों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवारों और गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। खेती किसानी और छोटे कारोबार से जुड़े ये युवक अचानक बंगाल के इतने बड़े हत्याकांड में कैसे फंस गए? यह सवाल हर किसी के जहन में है।
CBI की गिरफ्त में आए बलिया के 4 आरोपियों में शीतल दवानी गांव का ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मन्नू, थमनपुरा गांव का नवीन सिंह, रतोपुर गांव का राजकुमार सिंह और बसुदेवपुर गांव का गोलू सिंह शामिल हैं। इनके अलावा बिहार और गाजीपुर के तीन अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। परिजनों के मुताबिक, बलिया के इन चारों युवकों की पहचान करीब दो साल पहले खेतों में सिंचाई पाइपलाइन बिछाने का काम करने के दौरान हुई थी।
नवीन सिंह पाइपलाइन बिछाने का काम करता था और इसी दौरान राजकुमार काम सीखने के लिए उसके साथ जुड़ गया। वहीं, ज्ञानेंद्र अपने खेत में पाइपलाइन लगवाने के लिए नवीन के संपर्क में आया था। परिवारों का दावा है कि ये लोग सिर्फ काम-काज की वजह से आपस में जुड़े थे। आपस में इनकी कोई दोस्ती नहीं थी। गिरफ्तार किए गए युवकों के परिवारों का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके बेटे कभी पश्चिम बंगाल भी गए थे।
चारों आरोपियों में सबसे ज्यादा चर्चित 48 वर्षीय ज्ञानेंद्र सिंह है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर झारखंड, बिहार, वाराणसी और बलिया में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत 12 मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि, उसकी पत्नी का दावा है कि 11 मामलों में वह बरी हो चुका है और सिर्फ एक केस लंबित है। पत्नी के मुताबिक प्रधानी का चुनाव लड़ने के कारण ज्ञानेंद्र को फंसाया जा रहा है। दूसरी तरफ 28 वर्षीय गोलू सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसकी हाल ही में शादी हुई थी।
21 वर्षीय राजकुमार सिंह कुछ समय नवीन के साथ काम करने के बाद मुंबई चला गया था। वह कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था। CBI का दावा है कि राजकुमार को मुजफ्फरनगर से पकड़ा गया जब वह उत्तराखंड भागने की फिराक में था। पिता त्रिभुवन सिंह ने बताया कि राजकुमार कुछ समय से परिवार से अलग-थलग ही रहता था।
पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में 6 मई को भाजपा नेता और CM सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया था। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन छोटे कारोबारियों को बंगाल के इस बड़े मर्डर केस में किसने जोड़ा, किसने सुपारी दी और इस पूरे हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड आखिर कौन है?
बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के महज दो दिन बाद 6 मई को सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार को बीच रास्ते में रोक कर अंधाधुंध फायरिंग की थी। चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। यह घटना इतनी गंभीर थी कि मामले की जांच CBI को सौंप दी गई। CBI अब लगातार इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हत्याकांड के पीछे की साजिश और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
Published on:
08 Jun 2026 04:37 pm
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