हापुड़

मौत के वो आखिरी चंद सेकंड, बचा लो… बचा लो की चीखों के बीच बिछ गईं 6 लाशें

रात के करीब डेढ़ बज रहे थे। बुलंदशहर के गुलावठी से निकाह की रस्में पूरी कर बारातियों से भरी बस वापस डासना लौट रही थी। ड्राइवर ने कुछ देर के लिए बस को धौलाना के पास सड़क किनारे खड़ा कर दिया। बस में 13 बाराती सवार थे। तभी अचानक सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक […]

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Apr 13, 2026
हापुड़ में हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बस और दूल्हे के पिता की फाइल फोटो।

रात के करीब डेढ़ बज रहे थे। बुलंदशहर के गुलावठी से निकाह की रस्में पूरी कर बारातियों से भरी बस वापस डासना लौट रही थी। ड्राइवर ने कुछ देर के लिए बस को धौलाना के पास सड़क किनारे खड़ा कर दिया। बस में 13 बाराती सवार थे। तभी अचानक सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक सीधे सड़क किनारे खड़ी बस से आ भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पहले सड़क की ढलान पर जा गिरी और फिर अनियंत्रित ट्रक भी बस के ऊपर पलट गया। बस की छत उखड़कर दूर जा गिरी।

बस में सवार एक घायल युवक ने उस भयानक रात की आपबीती सुनाई। उसने बताया कि मंजर इतना खौफनाक था कि पीछे की कारों से जो बाराती मदद के लिए उतरे, उनके भी हाथ-पांव कांपने लगे। भारी-भरकम ट्रक के नीचे बस इस कदर दब चुकी थी कि अंदर फंसे लोगों को हाथों से बाहर निकालना नामुमकिन था। अंधेरे के बीच बस के अंदर से सिर्फ बचाओ-बचाओ की चीखें सुनाई दे रही थीं।

लोहे के पिंजरे को काटकर निकले लोग

हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बस लोहे के एक पिंजरे में तब्दील हो चुकी थी। आनन-फानन में गैस कटर मंगवाए गए। घंटों की मशक्कत के बाद गाड़ी की बॉडी को काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। कोई लोहे की सीटों के बीच फंसा था तो किसी का सिर फट चुका था। रेस्क्यू के दौरान हर तरफ खून और चीखें थीं।

दूल्हे के पिता समेत छह की मौत

इस भीषण हादसे ने दूल्हे जाहिद के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया। अस्पताल ले जाते समय और इलाज के दौरान कुल छह लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दूल्हे के पिता यूनुस (50) के अलावा यूसुफ (55), अख्तर उर्फ बबलू (40), सोनू (25), मुन्ना (60) और बस चालक अशोक (48) शामिल हैं। ये सभी लोग डासना के रहने वाले थे, जबकि ड्राइवर अशोक पिलखुवा के खेड़ा गांव का निवासी था।

सात बारातियों की स्थिति अभी भी गंभीर

हादसे में घायल हुए सात बारातियों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। पिलखुवा के रामा मेडिकल कॉलेज में नदीम, नईम, जुनैद, अय्यूब, हसरत, हबीब और सिराजुद्दीन का इलाज चल रहा है। अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो रिश्तेदार कुछ घंटे पहले निकाह की दावत में शामिल थे, वे अब अस्पताल के गलियारों में अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि घर में अभी एक और शादी होनी थी। दूल्हे जाहिद की बहन नगमा का निकाह चार दिन बाद यानी 17 अप्रैल को तय है।

Published on:
13 Apr 2026 02:20 pm
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