
---कलेक्टर के आदेश के बाद भी एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चलाने,हर कभी ड्रेस में बदलाव,फीस में इजाफा,बच्चों को मानसिक रुप से प्रताड़ित करने जैसी शिकायतों की कलेक्टर ऋषि गर्ग ने डीईओ व टीम से जांच कराई। लंबे समय से प्रबंधन की हठधर्मिता से त्रस्त पालकों की मदद के लिए अभाविप फिर एनएसयूआई आगे आए। गुरुवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य अनुराग पांडे,बाल कल्याण समिति अध्यक्ष नरेंद्र साकल्ले भी जांच करने टीम सहित पहुंचे।
बाल संरक्षण आयोग सदस्य ने गुरुवार को स्कूल के निरीक्षण,बच्चों से बातचीत में मिले फीडबैक और पालकों की मौखिक व लिखित शिकायतों के आधार पर शुक्रवार को प्रबंधन को नोटिस जारी किया। इसमें पालकों से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए पूछा कि इस साल
कक्षा 9 वीं की मुख्य परीक्षा कब हुई। नतीजे कब घोषित किए। कुल कितने स्टूडेंट में से कितनों को सप्लीमेंट्री आयी। इसकी परीक्षा कब कराई। इसके नतीजे कब जारी हुए। पालकों को कैसे सूचना दी। नोटिस बोर्ड पर नतीजों की लिस्ट क्यों नहीं लगाई। सप्लीमेंट्री के बाद तीसरी बार सप्लीमेंट्री की परीक्षा किस नियम के तहत ली गई।
यह शिकायतें भी पहुंची आयोग तक:
स्कूल समय में प्राइमरी से उपर के विदयार्थियों के टॉयलेट आते जाते समय स्लिप देकर रिकार्ड मेंटेन करने के नाम पर मानसिक दबाव बनाने,इससे कई तरह की शारीरिक बीमारियों के जन्म लेने,छुटटी से पहले बच्चों को बोतल से पानी नहीं पीने देने,टॉयलेट नहीं जाने देने जैसी शिकायतें भी पहुंची है। आयोग को गोपनीय रुप से यह भी पता चला है कि बड़ी कक्षाओं में बालिकाओं से द्विअर्थी संवाद किया जाता है। शिक्षक स्कूल में ठीक से पढ़ाने के बजाय टयूशन के लिए अघोषित रुप से दबाव बनाते हैं। पालक शिक्षक संघ का गठन नहीं होने से प्रबंधन पालकों की बात नहीं सुनता है। आयोग अपने स्तर पर गंभीरता से इन बिंदूओं की भी जांच कर रहा है।
इनका कहना है
गुरुवार को सेंट मेरी व होलीफेथ स्कूल का निरीक्षण किया। बच्चों व पालकों से चर्चा में कई शिकायतें मिली हैं। शुक्रवार को रेस्ट हाउस में भी पालकों ने मौखिक व लिखित शिकायत दी है। कक्षा 9 वीं की परीक्षा की अनियमिता को लेकर फिलहाल नोटिस जारी किया है। बच्चे,पालक मुझे 9713748156 पर सीधे शिकायत भेज सकते हैं।
-अनुराग पांडे,सदस्य,मप्र राज्य बाल संरक्षण आयोग