ग्रामीणों को लंबा फेर लगाकर करना पड़ रहा आवागमन
आलमपुर. आलमपुर एवं बहरागांव के बीच हंसावती नदी पर बना पुल टूट गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों गांव के बीच का रास्ता लगभग 1 किलोमीटर है। लेकिन पुल टूटने से दोनों गांव के किसानों को १5 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। हंसावती नदी पर शासन की ओर से बनाए गए पुल से दोनों गांव के किसानों को आने जाने में मात्र 10 मिनट लगते थे। लेकिन नदी के तेज बहाव में पुल के दोनों साइड की किनारे टूट गई है। तब से पुल की स्थिति वैसी ही बनी हुई है। बेहरागांव के कई किसानों की जमीन नदी के इस पार आलमपुर से लगी हुई है। पुल नहीं होने से उन्हें सोडलपुर होते हुए लगभग 15 किलोमीटर का रास्ता तय कर खेतों में आना पड़ रहा है। आलमपुर के किसानों को भी यदि बहरागांव जाना है तो उन्हें भी 15 किलोमीटर रास्ता तय करना पड़ता है। इससे अधिक समय लगता है। फसलों को लाने ले जाने में भी दिक्कतें आती है। इस पुल को टूटे हुए लगभग 15 साल हो गए है। लेकिन प्रशासन द्वारा पुल का कार्य नहीं कराया जा रहा है। आलमपुर पंचायत द्वारा आलमपुर मुख्य मार्ग से हंसावती नदी के पुल तक मजदूरों से मार्ग बनवा दिया गया है, लेकिन पुल टूटने के कारण से नदी से आवागमन नहीं हो पा रहा है । दोनों गांव के किसानों ने पुल को दुरुस्त कराने या नए पुल का निर्माण कराने की मांग की है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण पंचायत में भी कई बार आवेदन दे चुके है। इस संबंध पंचायत का कहना है कि पुल का निर्माण कराने के लिए राशि पंचायत के पास नहीं है। पुल टूटने की जानकारी जनपद में दे दी है। राशि स्वीकृत होने पर कार्य किया जाएगा।