
Outsourced employees प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: मध्यप्रदेश के हरदा जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों के रुप काम करने वाले कर्मचारियों की विभिन्न लंबित 9 मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ के नर्मदापुरम विभाग प्रमुख जितेंद्र सोनी, जिला मंत्री प्रबल पवार ने कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को ज्ञापन दिया।
पदाधिकारियों ने कहा कि कुशल, अकुशल, अर्द्धकुशल श्रेणी के कर्मचारियों को तय कलेक्टर रेट से ठेकेदार भुगतान नहीं कर रहा है। श्रमिकों एवं कर्मचारियों को परिवर्तनशील महंगाई भत्ता एक अक्टूबर 24 से 30 नवंबर 25 तक नहीं किया गया है। आदेश के बावजूद कर्मचारियों को साक्ष्य के रुप में जॉब कार्ड नहीं दिए गए हैं।
कर्मचारियों को सैलरी स्लिप भी नहीं दी जा रही है, जिससे उनके वेतन से विभिन्न मदों में काटी जा रही राशि की जानकारी नहीं मिल पा रही है। पदाधिकारियों ने कहा कि ईआईएससी ग्रेच्युटी बोनस का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। महिला सुरक्षा को देखते हुए कर्मचारियों की सहमति से डयूटी का समय तय हो।
सोनी ने कहा कि कर्मचारियों को माह में 4 छुटटी मिल रही है, लेकिन ठेकेदार उसके एवज में डबल डयूटी कराता है। ओवरटाइम काम कराने का भुगतान अलग से नहीं किया जा रहा है। कई लोगों को अवकाश अवधि का वेतन काटकर दिया जाता है। वार्डों में कर्मचारी कम होने से दो-दो वार्डों का काम कराया जा रहा है। यह उनका शोषण है। संगठन ने कहा कि फरवरी माह में ठेका खत्म हो रहा है, उससे पहले सभी का पूरा हिसाब कराया जाए। जिससे उनका आर्थिक शोषण न हो। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उचित कार्रवाई का विश्वास दिलाया।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी पर 31 मार्च के बाद संकट के बादल मंडरा सकते हैं। वर्तमान में कार्यरत एजेंसियों की टेंडर अवधि इसी तिथि को समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इससे समय पर नई एजेंसी तय होने और कर्मचारियों को निरंतर काम मिलने की संभावना कमजोर नजर आ रही है।
Updated on:
29 Jan 2026 04:58 pm
Published on:
29 Jan 2026 04:57 pm

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