हरदा

Harda factory accident – रास्तों में बिखरी पड़ी हैं लाशें, कई फीट ऊपर तक उड़ गए लोग

एमपी का हरदा शहर मंगलवार को मानो ज्वालामुखी बन गया। यहां की मगरधा रोड पर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में सुबह 11.30 विस्फोट हुआ और इसके बाद आग लग गई। आतिशबाजी के लिए रखे बारूद के कारण आग ने जल्द ही विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के अधिकांश घरों में भी आग लग गई। भीषण विस्फोट और आग के कारण ज्वालामुखी जैसा नजारा दिखाई दिया । क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

2 min read
Feb 06, 2024
भीषण विस्फोट और आग के कारण ज्वालामुखी जैसा नजारा दिखाई दिया

एमपी का हरदा शहर मंगलवार को मानो ज्वालामुखी बन गया। यहां की मगरधा रोड पर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में सुबह 11.30 विस्फोट हुआ और इसके बाद आग लग गई। आतिशबाजी के लिए रखे बारूद के कारण आग ने जल्द ही विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के अधिकांश घरों में भी आग लग गई। भीषण विस्फोट और आग के कारण ज्वालामुखी जैसा नजारा दिखाई दिया सकी। क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

फैक्ट्री तो पूरी तरह तबाह हो चुकी है। यहां के लोहे के टुकड़े कई किमी दूर तक उड़े। हरदा के इतिहास के इस सबसे बड़े हादसे में आधिकारिक रूप से अभी तक 7 लोगों की मौत की बात कही जा रही है जबकि बताया जा रहा है कि 12 से ज्यादा शव मिल चुके हैं। हादसे में 100 से अधिक लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पटाखा फैक्‍टरी के पास रास्तों में भी लाशें बिखरी पड़ी हैं। लोगों के अंग यहां वहां पड़े पड़े हैं। अभी तक आग पूरी तरह बुझी नहीं है, घना धुआं भी है। दमकलों और पुलिस के साथ ही अधिकारी भी अभी तक अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

फैक्ट्री से उठतीं आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक देखा जा रहा है। 100 से ज्यादा लोग अभी भी मौके पर फंसे हुए हैं। रह-रहकर अभी भी धमाके की आवाज सुनाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार हादसे में एक दर्जन से अध‍िक मौते हो चुकी हैं जबकि यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। बताया जाता है कि फैक्ट्री में विस्फोट के समय 150 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे।

मचा हड़कंप, हताहतों में महिलाएं ज्यादा
आग लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर भागे। हताहतों में महिलाओं की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। नर्मदा पुरम- खंडवा स्टेट हाईवे पर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को निकाला जा रहा है। मगरधा रोड पर घटनास्थल के करीब एक किलोमीटर के दायरे में आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।

हरदा से घायलों को भोपाल लाने के लिए जिले की सीमा से एम्स और हमीदिया अस्‍पताल तक ग्रीन कारिडोर बना दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना के संबंध में मंत्रालय में आपात बैठक ली। हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था के लिए सेना से संपर्क किया गया है।भोपाल, इंदौर में मेडिकल कॉलेज और aiims भोपाल में बर्न यूनिट को तैयारी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। होशंगाबाद में भी अस्पतालों में घायलों के उपचार के लिए व्यवस्था की गई है।

हरदा में होशंगाबाद सहित आसपास के क्षेत्र से 14 डॉक्टर तत्काल रवाना किए गए। भोपाल इंदौर बैतूल, होशंगाबाद, भेरूंदा, रेहटी सहित अन्य नगरीय निकायों तथा संस्थाओं से फायर ब्रिगेड हरदा भेजे जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, ACS अजीत केसरी, होमगार्ड डीजी हेलीकॉप्टर से हरदा पहुंच गए हैं। NDRF, SDRF की टीमें भी पहुंच रहीं हैं।

हरदा में भोपाल से 20 एवं अन्य ज़िलों से कुल मिलाकर 115 एम्बुलेंस भेजी जा रही हैं।
मेडिकल कॉलेज भोपाल में 50 बेड और एम्स भोपाल में 10 बेड दुर्घटना पीड़ित के लिये तैयारी कर रिज़र्व रखे गये हैं।

Published on:
06 Feb 2024 02:49 pm
Also Read
View All