
हरदा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशीकला चंद्रा के मार्गदर्शन में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा श्रृंखला न्यायालय टिमरनी में किया गया। इसमें 28 3 मामलों का निराकरण हुआ और 1 करोड़ 53 लाख 6 9 हजार 8 98 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। न्यायालयों के 151 पेंडिग प्रकरणों को तथा प्रीलिटिगेशन प्रकरण के रूप 132 प्रकरणों को लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निराकरण के लिए रखा गया था, जिसमें 49 पेडिंग प्रकरणों में मोटर दुर्घटना दावा के 12 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 22 लाख 59 हजार, 30 आपराधिक शमनीय प्रकरणों में धारा 138 एनआई एक्ट के 23 प्रकरण निपटे तथा 27 लाख 4 हजार 777, सिविल प्रकरणों में 10 प्रकरणों का निराकरण और 17 लाख 8 8 हजार 597, विद्युत अधिनियम के 70 प्रकरणों के निराकरण में 12 लाख 6 1 हजार 475, तीन वैवाहिक, कुटुंब न्यायालय के प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन प्रकरण के रूप में 36 बैंकों के प्रकरण सुलझे और 50 लाख 8 5 हजार 470 राशि जमा हुई। नगर पालिका, नगर परिषद के जलकर के 12 प्रकरणों का निराकरण तथा 6 1 हजार 575, संपतिकर के 3 प्रकरण का निराकरण एवं 43 हजार 8 55 की राशि, विद्युत विभाग के 77 प्रकरणों का निराकरण तथा 10 लाख 8 7 हजार 219 रुपए समझौता राशि के रूप में वसूल हुई। प्रीलिटिगेशन प्रकरण के रूप में पुलिस परामर्श केन्द्र में घरेलू हिंसा, वैवाहिक विवाद के रूप में 7 प्रकरणों में से 4 प्रकरणों का निराकरण किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीश डॉ. विजय अग्रवाल अनिल कुमार अग्रवाल, केएस शाक्य, अरुण श्रीवास्तव, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बीएम पाराशर, वंदितसिंह राजपूत, अभयसिंह आदि मौजूद थे। लंबे समय से अलग रहने वाले परिवारों के बीच समझौता कराकर न्यायाधीशों ने उन्हें एक-एक पौधा दिया।
बच्चों से काम कराने वालों पर करें सख्त कार्रवाई
हरदा. हम ऐसे बच्चों की जानकारी जुटाएं जो कम उम्र में पैसा मिलने से वह पढ़ाई छोड़कर श्रमिक बन गए हैं। जिला शिक्षा विभाग इन बच्चों की जानकारी जुटाकर दें और शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत इन बच्चों को शासकीय विद्यालयों अथवा निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों में प्रवेश दिलवाए। यह निर्देश कलेक्टर एस विश्वनाथ ने अधिकारियों को दिए। अवसर था कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में हुई बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक का। उन्होंने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत सभी कारखानों तथा उपजीविकाओं एवं प्रक्रियाओं में बच्चे श्रम करते पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफकार्रवाई करें। उन्होंने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं श्रम विभाग से कहा कि जो बच्चे कूड़ा, कचरा बीनने एवं कबाड़ी दुकानों के अंतर्गत कार्य में लिप्त हैं, उन बच्चों के संबंध में संयुक्त रूप से एक माह के भीतर साप्ताहिक अभियान चलाया जाकर निरीक्षण किए जाएं। उन्हें बाल श्रम से मुक्त कर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। कलेक्टर विश्वनाथ ने कहा कि हरदा में चल रही पटाखा फैक्ट्री से कुछ लोग घर पर पटाखे बनाने का कार्य करते हैं, जिसे रोका जाए। शहर में जो हानिकारक पदार्थ आ रहा है, उसका रिकार्ड रखें। केमीकल की एंट्री से लेकर एक्जीट तक क्या-क्या हो रहा है, कहां तक जा रहा है। इसकी जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत करें। बैठक में अपर कलेक्टर बीएल कोचले सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।