
--- राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य अनुराग पांडे,बाल कल्याण समिति अध्यक्ष नरेंद्र साकल्ले टीम सहित गुरुवार को सेंट मेरी स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों के बैग का वजन चेक किया,जो प्राइमरी में 5 से 7 किलो तक पाया गया। कक्षा वार बैग के वजन का चार्ट नोटिस बोर्ड पर नहीं मिला। आदेश के बाद भी स्कूल प्रबंधन की मनमानी के कारण बच्चों के पास निजी प्रकाशकों की किताबें देखी गईं। टीम ने छुटटी के बाद पालकों से बात की। जिसमें पता चला कि टीम के सामने बैग का वजन कम दिखाने कॉपियां स्कूल में पहले ही रखवा ली गईं,हालांकि जांच टीम ने इसे पड़ताल में पकड़ लिया। पांडे ने यहां बच्चोें से गुड टच बेड टच के बारे में जानकारी ली। दोनों स्कूलों में हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 लिखवाने को कहा।
महंगी किताबें बंद कराने कलेक्टर से की चर्चा: सेंट मेरी में मुनाफा कमाने के लिए एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ाने को लेकर आयोग सदस्य ने कलेक्टर ऋषि गर्ग से रोक लगाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि समिति जांच कर रही है,उसकी रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई जरुर की जाएगी। मालूम हो कलेक्टर ने डीईओ की अगुवाई में जांच कराई।प्रशासन स्कूल प्रबंधन के जवाब से संतुष्ट नहीं है।
3 बार परीक्षा लेने की लिखित शिकायत करेंगे पालक:
आयोग सदस्य की टीम की स्कूल में मौजूदगी के दौरान ही छुटटी का समय था,इस कारण पालकों ने प्रबंधन की मनमानी,हठधर्मिता के बारे में खुलकर अपनी बात रखी। पालकों ने कहा कि कक्षा 7 और 9 तथा 11 वीं में कई विदयार्थियों को सप्लीमेंट्री दे दी। पूरी फीस जमा होने पर भी पालकों को मुख्य परीक्षा के न तो अंक बताए और न ही अंकसूची दी। बाद में सप्लीमेंट्री के नाम पर पेपर लिए। जिसके प्राप्तांकों की बोर्ड पर नाम व सूची लगाने के बजाय वॉटसएप कॉल करके पालकों को सूचना दी। बच्चों व पालकों को मानसिक रुप से प्रताड़ित करते हुए तीसरी बार फिर परीक्षा ली गई,जिसका नतीजा आज तक नहीं बताया। दो पालकों ने कहा कि,उन्हें प्रबंधन ने यह तक कहा कि वे पास की अंकसूची बना देंगे,लेकिन दूसरी स्कूल में एडमिशन लेना होगा। डेस्क की पुताई के लिए 20-20रुपए वसूलने, व हेल्थ चेकअप के लिए सरकारी अस्पताल के बजाय निजी डॉक्टरों को बुलाए शुल्क लेने की भी शिकायतें की गईं।
पालकों ने प्राचार्य के आसानी से पालकों से नहीं मिलने व काउंटर,रिसेप्शन स्टाफ के व्यवहार को भी अनापेक्षित बताया। आयोग ने ठाेस कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत करने की बात कही,जिसके लिए पालकों ने सहमति जताई।
इनका कहना है
सेंट मेरी और होलीफेथ स्कूल का निरीक्षण किया। सेंट मेरी में बैग का वजन प्राइमरी में 5 से 7 किलो तक पाया गया। पालकों ,स्टाफ व प्रबंधन से बातचीत की। निजी प्रकाशकों की किताबों चलाने के मामले में कलेक्टर को कार्रवाई की चर्चा हुई है। पालकों से भी बात की। सेंट मेरी में आरटीई में प्रवेश न देने का कारण व आदेश की कॉपी भी मांगी है।पालकों की लिखित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग पांडे,सदस्य,राज्य बाल संरक्षण अयोग,मप्र