हरदोई

सेंधमारी पर सपा की कड़ी नजर, अखिलेश यादव ने अपने करीबी एमएलसी को को दी बड़ी जिम्मेदारी

शिवपाल सिंह यादव लगातार सपा में सेंधमारी कर सपा से लोगों को अपने समाजवादी सेकुलर मोर्चा में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

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Oct 11, 2018
सेंधमारी पर सपा की कड़ी नजर, अखिलेश यादव ने अपने करीबी एमएलसी को को दी बड़ी जिम्मेदारी

हरदोई. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव द्वारा लोकसभा चुनाव के पहले समाजवादी सेकुलर मोर्चा का गठन कर सपा को बड़ा झटका दिया है। शिवपाल सिंह यादव लगातार सपा में सेंधमारी कर सपा से लोगों को अपने समाजवादी सेकुलर मोर्चा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में शिवपाल सिंह यादव हरदोई सहित आसपास के जिलों में भी तेजी के साथ अपने मोर्चे को मजबूत करने एवं सपा से लोगों को मोर्चे में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

हरदोई के लिए शिवपाल सिंह यादव ने अपने करीबी राजेश यादव को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी है। जिसके चलते हरदोई में मोर्चे के पदाधिकारियों में राजेश यादव के खास लोग ही स्थान पा सकते है। आपको बताते चलें कि समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सपा के जिला अध्यक्ष रहे राजेश यादव ने अपने करीबी व्यक्तियों को ही शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चे में स्थान दिया है। हरदोई में मोर्चे का अपने करीबी को जिला अध्यक्ष बनवा कर राजेश यादव ने यह संदेश देने की कोशिश की है मोर्चे में उनकी बड़ी अहमियत है। 3 दिन पहले राजेश यादव हरदोई आए थे लेकिन राजेश यादव हरदोई में मोर्चे को मजबूत करने में कितना सफल होंगे यह तो वक्त पर पता चलेगा लेकिन सपा में उनकी सेंधमारी की उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए कभी उनके दोस्त रहे सपा एमएलसी डॉ राजपाल कश्यप उनके सामने दीवार बनकर खड़े हो चुके हैं।

सपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस ओर अपनी कड़ी नजर लगा दी है और इसलिए अखिलेश यादव अपने बेहद करीबी एमएलसी डॉ राजपाल कश्यप को हरदोई को लेकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। डा राजपाल कश्यप हरदोई और आसपास जिलों में लगातार भ्रमण और प्रवास कर सीधे सभी के टच में है और हरदोई में लगातार कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ सपा की बैठकें, सम्मेलन कर रहे हैं। ध्यान रहे कि शिवपाल सिंह यादव के करीबी राजेश यादव जब सपा के जिलाध्यक्ष थे तो उनके व्यवहार और मुलायम परिवार से उनकी नजदीकी को लेकर चर्चा होती रहती थी और उन्हें व्यवहारिक नेता माना जाता था लेकिन कुछ कारणों के चलते ह राजेश यादव को अखिलेश सरकार में जब सपा जिला अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया तो वे भीतर ही भीतर नाराज रहे और फिर जब चाचा भतीजे की राजनीतिक रार शुरू हुई तो वे खुलकर शिवपाल सिंह यादव के खेमे में खड़े दिखाई पड़े थे। तब से लगातार राजेश यादव अपने नेता शिवपाल सिंह यादव के साथ कार्य कर रहे हैं।

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Published on:
11 Oct 2018 10:22 am
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