
हरदोई. उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के मुगलसराय स्टेशन का नाम बदले जाने के बाद यूपी के हरदोई में बाबरपुर गांव उस समय सुर्खियों में आ गया जब सवायजपुर विधानसभा इलाके के भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू इस गांव का नाम बाबरपुर से बदलकर ब्रह्मपुर करने के लिए शासन को पत्र लिख दिया ।
भाजपा विधायक के नाम बदलने के पत्र पर समर्थको ने खूब वाहवाही की मगर मामले में किरकरी तब होने लगी जब गांव के ग्रामीणों ने नाम बदलने को लेकर नाराजगी जाहिर की है। मुगल बादशाह बाबर के नाम पर मौजूद बाबरपुर गांव को ब्रह्मपुर किए जाने के लिए भाजपा विधायक नें शासन को पत्र भेजा था जिस पर राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने पत्र को लेकर जिलाधिकारी हरदोई को पत्र भेजा था यह खबर जब जिले में सुर्खियां बनी तो नाम बदलने को लेकर ग्रामीणों ने नारजगी जाहिर की । खास बात बात यह है कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है इसके बाद भी गांव के लोग गांव का नाम पूर्वत बाबरपुर ही रहने की हिमायती है ।
गांव के लोगों का कहना है कि बुजुर्गों से सुना था कि बाबर के सेनापति ने अपने बादशाह के नाम पर इस गांव का नामकरण किया था। भरखनी ब्लॉक का यह गांव अचानक सुर्खियों में तब आ गया, जब सवायजपुर के क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बाबरपुर गांव का नाम ब्रह्मपुर किए जाने लिए शासन को पत् भेजा। विधायक के पत्र पर शासन ने तत्काल सज्ञान में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू की थी ।
सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर सवाजपुर तहसीलदार ने 26 जून को गांव में खुली बैठक का आयोजन किया था जिसमें गांव के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कानूनगो मिथलेश शर्मा एवं लेखपाल प्रमोद मिश्रा की मौजूदगी में इस प्रस्ताव के पक्ष विपक्ष में मतदान शुरू हुआ ।
ग्रामीणों ने एक राय से बाबरपुर को ब्रह्म पूर्ण किए जाने के प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया।जानकारी के मुताबिक मंगलबार को सुबह प्रस्ताव पर मतदान शुरू हुआ ग्रामीणों ने यह कहते हुए प्रस्ताव का विरोध किया कि उनके सभी दस्ताबेजों में गांव का नाम बाबरपुर ही दर्ज है। लिहाजा उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा अगर बाबरपुर से ब्रह्मपुर कर दिया गया तो तमाम दिक्कते होगी । ग्रामीणों में इस बात का भी रोष था कि भाजपा विधायक गांव में कोई विकास कार्य नहीं करा रहे है लेकिन गांव का नाम बदलवाने के लिए ज्यादा दिलचस्प है ताकि वे चर्चा में रह सके । प्रधानपति नन्हे मिश्र, प्रतिनिधि कमलेश दीक्षित, रामबाबू, राजीव, गिरीश चंद, कुंज विहारी, बलबीर, जगराम, बलस्टर चंद शुक्ल, हरिओम, विनीत, सौरभ दीक्षित आदि ने कहा कि नाम बदलने से से ज्यादा विकास कार्य कराने पर जोर होना चाहिए ।