
Kumar Vishwas Statement Against UGC Act 2026: कुमार विश्वास ने UGC के नए नियमों का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक कविता पोस्ट की। यह कविता स्वर्गीय रमेश रंजन की है। कुमार विश्वास ने लिखा कि चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..। इसके साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग भी लगाया।
सरकार ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) जनवरी 2026 में नए नियम लागू किए। ये नियम 13 जनवरी 2026 को जारी हुए और 15 जनवरी से पूरे देश में लागू हो गए। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य है- कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जातिगत भेदभाव को रोकना। खासकर एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले अन्याय को खत्म करना।
हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में इक्विटी कमेटी बनानी होगी।
इक्विटी स्क्वॉड और 24 घंटे हेल्पलाइन की व्यवस्था होगी।
कमेटी में महिलाओं, एससी-एसटी, ओबीसी और दिव्यांगजनों का प्रतिनिधित्व जरूरी है।
भेदभाव की शिकायत आने पर जल्दी जांच और कार्रवाई होगी।
अगर कोई संस्थान नियम नहीं मानता, तो यूजीसी उसकी मान्यता रद्द कर सकता है या फंड रोक सकता है।
ये नियम पुराने 2012 के नियमों को अपडेट करके बनाए गए हैं।
कई लोग, खासकर सवर्ण (जनरल कैटेगरी) समाज के लोग इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये नियम सवर्णों के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं। कुछ का मानना है कि ये नियम आरक्षण से आगे बढ़कर नए तरीके से अन्याय कर सकते हैं। इस विरोध में सोशल मीडिया पर #UGC_RollBack ट्रेंड कर रहा है। लोग चाहते हैं कि सरकार इन नियमों को वापस ले।
कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने भी इन नियमों का विरोध किया। उन्होंने रमेश रंजन मिश्र की कविता शेयर की। कविता में सवर्ण होने के दर्द को बयां किया गया है। कुमार विश्वास ने इसे पोस्ट करके दिखाया कि सवर्ण समाज को भी अब अन्याय महसूस हो रहा है। यह कविता बहुत तेजी से वायरल हुई। कई लोग इसे शेयर कर रहे हैं। कुमार विश्वास ने #UGC_RollBack हैशटैग से साफ संकेत दिया कि वे नियम वापस लेने के पक्ष में हैं।
यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। कुछ लोग कहते हैं कि ये नियम समानता लाएंगे, तो कुछ कहते हैं कि ये नया भेदभाव पैदा करेंगे। विरोध बढ़ रहा है। छात्र, शिक्षक और समाज के लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं।