हरदोई में मंगलवार की शाम शहर के बीचो-बीच एक अधिवक्ता की घर में घुसकर 2 युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सरेशाम हुई इस वारदात के बाद पूरे जनपद में हड़कंप मच गया था। गुरुवार को रात पुलिस मुठभेड़ में हत्याकांड के आरोपी को गोली लग गई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हरदोई में फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा हत्याकांड के आरोपी से गुरुवार रात पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में नीरज कुमार निवासी झरोईया शहर कोतवाली गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस की मुठभेड़ बामन रोड स्थित निर्माणाधीन बाईपास पर हुई। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है, उन्होंने कहा कि पकड़ा गया आरोपी उन शूटरों में से एक है और बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बताते चलें कि मंगलवार रात दो लोग कोर्ट मैरिज को लेकर बातचीत करने मकान में ही स्थित उनके कार्यालय में पहुंचे थे। इसी दौरान कनपटी पर गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। शहर के व्यस्ततम इलाके में हुई इस वारदात से खलबली मच गई थी।
कनिष्क मेहरोत्रा पिछले चार दशक से लखनऊ रोड पर सिनेमा चौराहे के पास स्थित एक मकान में किराए पर रह रहे थे। इस मकान को लगभग एक दशक पहले 6 लोगों ने खरीदा था, इनमें सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बीरेंद्र यादव बीरे, नृपेंद्र त्रिपाठी, शिखर गुप्ता आदि शामिल हैं। मकान में रहने वाले ज्यादातर किराएदारों ने आपसी समझौता कर मकान छोड़ दिया था, लेकिन कनिष्क मेहरोत्रा ने मकान नहीं छोड़ा।
मकान खरीदने वाले लोग वहां एक बड़ा शॉपिंग मॉल शुरू करना चाहते थे और इसलिए अधिवक्ता से कई बार बातचीत के जरिए मकान खाली कराने की बात की। इसके बावजूद बात नहीं बनी।माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते कनिष्क मेहरोत्रा की हत्या की गई। पुलिस की जांच में पता चला कि कनिष्क मेहरोत्रा की हत्या सुनियोजित ढंग से कराई गई थी और इसके लिए सुपारी दी गई थी।