
दरोगा की पिस्टल छीनकर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली ( सांकेतिक तस्वीर )
Cow Slaughter Accused Arrested After Police Encounter in Hardoi : हरदोई जनपद के कासिमपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के पुलिस व गोकशी के आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने दुस्साहस दिखाते हुए एक उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। छीना-झपटी में एक उपनिरीक्षक भी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार पूरे घटनाक्रम ने इलाके में सनसनी फैला दी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा अपराध टल गया।
पुलिस के मुताबिक 13 फरवरी 2026 को थाना कासिमपुर की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गोगावां जोत के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल (संख्या यूपी 35 के 6007) खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम को देखते ही चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जब पुलिस ने बाइक की तलाशी ली तो उस पर रखी एक बोरी में पशु मांस और एक तराजू बरामद हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पशु चिकित्साधिकारी को बुलाया गया। परीक्षण के बाद मांस के गोमांस होने की पुष्टि की गई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी।
मामले को संवेदनशील मानते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। थाना कासिमपुर की टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि गौकशी के मामले में वांछित आरोपी मूसा पुत्र रफीक क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कलरावा पुल के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि उसने वारदात में प्रयुक्त हथियार सई नदी के किनारे छिपा रखे हैं।
14 फरवरी की सुबह पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर बांगरमऊ रोड स्थित सई नदी के पास हथियार बरामद करने पहुंची। पुलिस के अनुसार इसी दौरान आरोपी ने अचानक मौका पाकर उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह की सरकारी रिवॉल्वर छीन ली। आरोपी ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से कुछ क्षण के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस टीम ने संयम बरतते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। छीना-झपटी के दौरान उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह भी गिरकर घायल हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी, चार जोड़ रस्सी और एक चाकू बरामद किया है। साथ ही आरोपी से छीनी गई सरकारी रिवॉल्वर भी सुरक्षित बरामद कर ली गई। घायल आरोपी और उपनिरीक्षक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मूसा पुत्र रफीक का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ पूर्व में चोरी के मामले,गोवध निवारण अधिनियम,गैंगस्टर एक्ट,आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह क्षेत्र का शातिर अपराधी है और पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक घनश्याम राम, उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, उप निरीक्षक अखिल कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने पूरी टीम की तत्परता और बहादुरी की सराहना की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते जवाबी कार्रवाई न की जाती, तो गंभीर जनहानि हो सकती थी।
घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोकशी जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हरदोई पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा और दोषियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
Published on:
14 Feb 2026 10:09 am
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