सपा छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले इस बड़े नेता ने शिवपाल के लिए किया ये एेलान
हरदोई. कभी करीबी मित्र रहे कद्दावर नेता शिवपाल यादव को पहचानने से इंकार करने वाले नरेश अग्रवाल के स्वर भाजपा में आने के बाद से बिल्कुल बदले हुए है। शिवपाल यादव के सेकुलर मोर्चे के कदम को सही और सपा मुखिया अखिलेश यादव को अवसरवादी ठहराने वाले भाजपा नेता नरेश अग्रवाल को लेकर उनके ग्रह जनपद में भी खूब चर्चा हो रही है।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के भाई कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा समाजवादी सेकुलर मोर्चा बनाने का ऐलान किए जाने के बाद प्रदेश में मची हलचल जिलों तक पहुंच गई है और जिलों में भी शिवपाल सिंह यादव के इस कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जैसा कि सभी को मालूम है कि विधानसभा चुनाव से पहले चाचा-भतीजे में मची राजनीतिक उथल पुथल से तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही थी और लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का एेलान सपा में फुट के आसार बढ़ा दिए है। यहां सबसे अहम बात यह है कि कभी शिवपाल यादव के बेहद करीबी दोस्त रहे भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने सपा में रहते हुए चाचा भतीजे के राजनीतिक कलह में अखिलेश यादव के पक्ष में खड़े होकर शिवपाल को पहचानने से भी इंकार कर दिया था।
दरअसल यह बात कोई बहुत पुरानी नहीं है करीब एक साल पहले जब शिवपाल यादव हरदोई में अपने करीबी साथी सपा नेता राजेश यादव के बिलग्राम स्थित आवास पर एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे तो उसके कुछ दिन बाद अपने गृह नगर हरदोई आए तत्कालीन सपा नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल से शिवपाल यादव को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया था तो नरेश अग्रवाल ने कहा था कि कौन से शिवपाल आप किन शिवपाल की बात कर रहे हैं, हमारी पार्टी में तो बहुत शिवपाल है। उसके कुछ समय बाद मार्च 2018 में राजनीति के खेल और समय चक्र को देखिए कि जब समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव ने नरेश अग्रवाल का राजसभा के लिए टिकट काट दिया तो इससे नाराज हुए नरेश अग्रवाल ने सपा को टाटा बाय-बाय करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था।
अब जब शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव के प्रति बगावती तेवर दिखाते हुए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का ऐलान किया तो इस मसले पर भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने प्रतिक्रिया देकर शिवपाल यादव के कदम को सही ठहराते हुए अखिलेश यादव को अवसरवादी बता दिया ।